Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

चिन्मय मिशन के 75 साल पूरे! टेम्स नदी पर पहली बार गंगा आरती, लंदन में दिखा भारत की संस्कृति का रंग

लंदन की टेम्स नदी के किनारे पहली बार गंगा आरती का आयोजन किया गया। हजारों लोग इस खास कार्यक्रम में शामिल हुए। चिन्मय मिशन की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई इस आरती में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में अलग-अलग समुदायों के लोगों ने हिस्सा लिया और नदी संरक्षण की जरूरत पर भी जोर दिया।
चिन्मय मिशन के 75 साल पूरे! टेम्स नदी पर पहली बार गंगा आरती, लंदन में दिखा भारत की संस्कृति का रंग
पहली बार टेम्स पर हुई गंगा आरती

लंदन। लंदन की मशहूर टेम्स नदी रविवार को आध्यात्मिक रंग में नजर आई, जब यहां पहली बार गंगा आरती का आयोजन किया गया। ग्रीनविच स्थित ओल्ड रॉयल नेवल कॉलेज के सामने हुए इस कार्यक्रम में हजारों लोग पहुंचे। चिन्मय मिशन यूके ने टोटली टेम्स फेस्टिवल के साथ मिलकर इसका आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की गंगा आरती की परंपरा को लंदन तक पहुंचाने के साथ प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करना था। इस दौरान मंत्रोच्चार, संगीत और बड़े दीपों के साथ आरती की गई। आयोजकों ने पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए खास इंतजाम भी किए।

टेम्स के किनारे दिखा भारतीय संस्कृति का रंग

टेम्स नदी के किनारे आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय परंपरा की खास झलक देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग आरती में शामिल हुए और दीपों के साथ प्रार्थना की। कार्यक्रम को ‘गंगा आरती ऑन द थैम्स: ए सेरेमनी ऑफ लाइट’ नाम दिया गया था। यह आयोजन चिन्मय मिशन यूके की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रमों का हिस्सा था। इसके जरिए लंदन में रहने वाले भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदाय को एक साथ जोड़ने की कोशिश की गई।

पहली बार टेम्स पर हुई गंगा आरती

भारत में गंगा के किनारे होने वाली आरती की तर्ज पर टेम्स नदी के किनारे यह आयोजन किया गया। चिन्मय मिशन के ग्लोबल हेड स्वामी स्वरूपानंद ने आरती का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को एक साझा आध्यात्मिक भावना से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि गंगा भारतीय परंपरा में ज्ञान, संस्कृति और जीवन के प्रवाह का प्रतीक है। टेम्स के किनारे आरती के जरिए इसी भावना को लंदन में सामने लाने की कोशिश की गई।

डाक वोट पर ट्रंप की नई चाल पर सुप्रीम कोर्ट का ब्रेक! मिडटर्म चुनाव से पहले बड़ा फैसला

हजारों लोगों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में यूके के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचे। हिंदू संगठनों और समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी इसमें शामिल हुए। संगीत, मंत्रोच्चार और दीपों के बीच पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया। आयोजकों के मुताबिक यह कार्यक्रम सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं था। इसका संदेश एकता, प्रेम, प्रकृति के प्रति सम्मान और लोगों को साथ लाने से भी जुड़ा था।

नदी में नहीं डाला गया कोई सामान

आयोजकों ने पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा। आरती के दौरान इस्तेमाल किए गए दीप नदी में नहीं छोड़े गए। सभी दीपों को नदी के किनारे ही रखा गया, ताकि टेम्स के पानी को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। कार्यक्रम में कचरा कम करने और सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल घटाने के भी प्रयास किए गए। आयोजकों ने कहा कि प्रकृति के प्रति सम्मान केवल पूजा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पर्यावरण की जिम्मेदारी लेना भी जरूरी है।

गंगा को ज्ञान और संस्कृति का प्रतीक बताया

चिन्मय मिशन यूके की रेजिडेंट टीचर ब्रह्मचारिणी श्रीप्रिया चैतन्य ने कहा कि गंगा आरती लंबे समय से प्रकृति के प्रति आभार जताने की परंपरा रही है। टेम्स पर इसका आयोजन उसी भावना को आगे बढ़ाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि चिन्मय मिशन के संस्थापक स्वामी चिन्मयानंद ने वेदांत के ज्ञान को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित यह कार्यक्रम उसी विरासत को याद करने का अवसर भी रहा।

75 साल पूरे होने पर खास आयोजन

चिन्मय मिशन की स्थापना 1951 में हुई थी। आज इसके दुनिया भर में 350 से ज्यादा केंद्र हैं। संस्था आध्यात्मिक शिक्षा के साथ बच्चों, युवाओं, परिवारों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई कार्यक्रम चलाती है। टोटली टेम्स फेस्टिवल भी लंबे समय से लंदन की टेम्स नदी को केंद्र में रखकर कला, पर्यावरण, विरासत और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। पहली गंगा आरती ने इन दोनों परंपराओं को एक साथ जोड़ दिया।

हूती अटैक से सऊदी में तबाही! घर ध्वस्त, गाड़ियां टूटीं, शहरों में इमरजेंसी अलर्ट

अब हर साल हो सकती है गंगा आरती

पहली बार आयोजित यह कार्यक्रम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। आयोजकों के मुताबिक इसकी सफलता को देखते हुए इसे आने वाले वर्षों में भी आयोजित किया जा सकता है। इस तरह टेम्स नदी के किनारे गंगा आरती एक नियमित आयोजन का रूप ले सकती है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...Read More

Latest Posts