हूती अटैक से सऊदी में तबाही! घर ध्वस्त, गाड़ियां टूटीं, शहरों में इमरजेंसी अलर्ट

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच टकराव तथा इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच अब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच भी संघर्ष तेज हो गया है। हूती संगठन ने सऊदी अरब के कई इलाकों को निशाना बनाया है। इसके जवाब में सऊदी अरब ने यमन में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
ताजा हमले में दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत शहर को निशाना बनाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, हूतियों ने ड्रोन के साथ बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। हमले का एक प्रमुख निशाना सैन्य एयरबेस रहा। इस हमले में 13 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा 7 मकानों को नुकसान पहुंचा और कई लोगों के वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सऊदी अरब की तेल सप्लाई पर बढ़ा खतरा
हूती हमलों ने सऊदी अरब के तेल कारोबार को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। हमले में सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। सुरक्षा कारणों से इस पाइपलाइन को बंद करना पड़ा है। इस पाइपलाइन को सऊदी अरब ने दशकों पहले इसलिए तैयार किया था ताकि उसके तेल निर्यात को होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह निर्भर न रहना पड़े। यह पाइपलाइन करीब 1,200 किलोमीटर लंबी है और देश के तेल परिवहन नेटवर्क का अहम हिस्सा मानी जाती है।
अगर पाइपलाइन की मरम्मत में कई सप्ताह लगते हैं और इसका संचालन लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर इसका असर पड़ सकता है। अनुमान है कि ऐसी स्थिति में वैश्विक तेल सप्लाई में करीब 4 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। सप्लाई घटने पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने की आशंका भी बढ़ जाएगी।
लाल सागर में भी बढ़ी रणनीतिक चुनौती
हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है। लाल सागर का इलाका भी इस संघर्ष का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।



















