MP School Education : सिलेक्टेड टीचर्स की नियुक्ति के बजाय सरकार को अतिथि शिक्षकों पर भरोसा

रामचन्द्र पाण्डेय, भोपाल। प्रदेश के स्कूलों में करीब 1.15 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं, जिसका असर पढ़ाई और परीक्षा परिणामों पर पड़ रहा है। दूसरी ओर वर्ष 2018 से अब तक हुई भर्ती परीक्षाओं से क्वालिफाइड वर्ग 1, 2 और 3 के चयनित 15 हजार अभ्यर्थी वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, जबकि विभाग खाली पदों के लिए 80 हजार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की तैयारी में जुटा है।
छात्र-शिक्षक अनुपात बनाने में विफल
कैग की रिपोर्ट में राज्य अनिवार्य छात्र-शिक्षक अनुपात (पीटीआर) बनाए रखने में विफल रहा। यानी जितने छात्रों पर एक शिक्षक होना चाहिए, उससे कहीं ज्यादा छात्र एक ही शिक्षक के भरोसे हैं। हर वर्ष इस कमी को पूरा करने के लिए मात्र बीए-डीएड की डिग्री देखकर अतिथि शिक्षक रख लिए जाते हैं। जबकि विभाग के पास दो परीक्षाएं पास करने वाले चयनित योग्य अभ्यर्थी मौजूद हैं।
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20 फरवरी 2025 से क्वालिफाइड, नियुक्ति नहीं
मैंने वर्ष 2023 में मार्च पात्रता परीक्षा और अगस्त चयन परीक्षा दी है। इसके 20 फरवरी 2025 में क्वालिफाइड होकर तब से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहा हूं। जितने भी वेटिंग अभ्यर्थी हैं वह 80 से 85 अंक से पास हैं। इन्हें नियुक्ति देने के बजाय अतिथि शिक्षक रखना क्वालिफाइड अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।
राहुल द्विवेदी, वर्ग-1, वेटिंग केंडिडेट
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विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री ने स्वीकारा शिक्षकों की कमी
विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्वयं स्वीकारा है कि स्कूलों में करीब 1.15 लाख शिक्षकों की कमी है। इसके बाद भी पिछले पांच वर्षों से भर्ती प्रक्रिया की खानापूर्ति की जा रही है। अभ्यर्थियों को चयन होने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिल पा रही है।

सीधी बात : उदयप्रताप सिंह, मंत्री स्कूल शिक्षा
प्रश्न : शिक्षकों के 80 हजार पद खाली हैं, फिर भी चयनित शिक्षकों की नियुक्ति पत्र नहीं दिए जा रहे हैं।
मंत्री : शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया निरंतर चल रही है। उसमें नियमानुसार नियुक्ति आदेश जारी हो रहे हैं।
प्रश्न : शिक्षा की गुणवत्ता के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री : प्रदेश भर में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि स्कूल खोले गए हैं, इनमें शिक्षा का गुणवत्ता के साथ सभी सुविधाओं का ध्यान रखा गया है।
प्रश्न : शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इसके लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
मंत्री : जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, उनमें अतिथि शिक्षक रखने के निर्देश दिए गए हैं।












