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मुर्शिदाबाद में दर्दनाक रेल हादसा :स्कूल वैन को ट्रेन ने मारी टक्कर, 2 छात्रों समेत 3 की मौत; कई बच्चे घायल

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूल वैन को पैसेंजर ट्रेन ने टक्कर मार दी। हादसे में दो स्कूली छात्रों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे घायल हैं। रेलवे ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रेलवे फाटक खुला होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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स्कूल वैन को ट्रेन ने मारी टक्कर, 2 छात्रों समेत 3 की मौत; कई बच्चे घायल
बंगाल के मुर्शिदाबाद में ट्रेन की स्कूल वैन से टक्कर।

मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक रेल हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। स्कूल जा रही बच्चों से भरी एक पूल कार (स्कूल वैन) रेलवे क्रॉसिंग पार कर रही थी, तभी तेज रफ्तार पैसेंजर ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में दो स्कूली छात्रों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत-बचाव कार्य में जुट गए।

गोविंदपुर रेलवे क्रॉसिंग पर हुआ हादसा

यह हादसा मुर्शिदाबाद के बहरामपुर थाना क्षेत्र में कर्णसुबर्णा और गोविंदपुर रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल वैन रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रही थी, तभी निमतिता-कटवा पैसेंजर ट्रेन तेज रफ्तार से वहां पहुंच गई और वैन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार बच्चे दूर जा गिरे।

तीन की मौत, कई बच्चे अस्पताल में भर्ती

अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है, जिनमें दो स्कूली छात्र और एक बुजुर्ग शामिल हैं। हादसे में कई बच्चे घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को पहले कर्णसुबर्णा ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और बेरहामपुर अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार कुछ बच्चों की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है।

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खुले रेलवे फाटक को लेकर उठे सवाल

हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले एक ट्रेन गुजरने के लिए रेलवे फाटक बंद किया गया था, लेकिन उसके निकलने के बाद फाटक खोल दिया गया। इसी दौरान दूसरी दिशा से निमतिता-कटवा पैसेंजर ट्रेन आ गई, जबकि फाटक दोबारा बंद नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि, अगर समय पर फाटक बंद कर दिया जाता तो यह हादसा टल सकता था। हालांकि, इस संबंध में अभी रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है।

वैन में सवार थे आठ लोग, एक साइकिल सवार भी घायल

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय स्कूल वैन में चालक समेत कुल आठ लोग सवार थे। ट्रेन की टक्कर के दौरान पास से गुजर रहा एक साइकिल सवार भी इसकी चपेट में आ गया और घायल हो गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला और एंबुलेंस आने से पहले निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया।

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रेलवे और पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि हादसे के समय रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था क्या थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।

पूर्वी रेलवे ने दिए जांच के आदेश

हादसे के बाद पूर्वी रेलवे ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। रेलवे की विशेष टीम घटनास्थल पर भेजी गई है, जो यह जांच करेगी कि रेलवे फाटक समय पर बंद था या नहीं, गेटमैन की भूमिका क्या थी और दुर्घटना किन कारणों से हुई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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रेलवे फाटक की भूमिका की होगी जांच

जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रेलवे फाटक की स्थिति और गेटमैन की जिम्मेदारी मानी जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि, एक ट्रेन गुजरने के बाद फाटक खोल दिया गया था, जबकि दूसरी लाइन पर आने वाली ट्रेन के लिए उसे दोबारा बंद नहीं किया गया। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

इलाके में शोक का माहौल

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे मुर्शिदाबाद जिले में शोक की लहर है। मासूम बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। वहीं घायल बच्चों के बेहतर इलाज के लिए अस्पताल प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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