हत्या, ड्रग्स और अपहरण के आरोप...अमेरिका में भारतीय गैंगस्टर नीतीश कौशल गिरफ्तार, FBI की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था शामिल

वॉशिंगटन डीसी। भारतीय मूल के संगठित अपराध नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग के कथित सदस्य नीतीश कौशल उर्फ 'लाला' को अमेरिका के वरमोंट से गिरफ्तार कर लिया है। दो दिन पहले ही उसे FBI की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल किया गया था। एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत की गई है, जिसके जरिए अमेरिका, कनाडा और यूरोप में सक्रिय भारतीय मूल के संगठित अपराध गिरोहों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े होने का आरोप
FBI के अनुसार नीतीश कौशल कुख्यात जग्गू भगवानपुरिया ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप (OCG) का सक्रिय सदस्य है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस गिरोह की शुरुआत पंजाब से हुई थी, लेकिन समय के साथ इसका नेटवर्क अमेरिका के कैलिफोर्निया सहित कई देशों तक फैल गया। आरोप है कि कौशल गैंग की ओर से हिंसक वारदातों को अंजाम देता था और अपहरण, हमले तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में उसकी अहम भूमिका थी।
हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी समेत कई गंभीर आरोप
FBI के मुताबिक नीतीश कौशल पर हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, रंगदारी वसूली, अवैध हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। एजेंसी का कहना है कि, यह अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क संगठित तरीके से कई देशों में अपराधों को अंजाम देता रहा है।
RICO कानून के तहत जारी हुआ था गिरफ्तारी वारंट
अमेरिकी जांच एजेंसी के अनुसार, 25 जून 2026 को लॉस एंजिल्स स्थित यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया ने नीतीश कौशल के खिलाफ रैकेटीयर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (RICO) कॉन्सपिरेसी के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद उसे फरार और हथियारबंद आरोपी मानते हुए FBI ने मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया था।
कौन है नीतीश कौशल उर्फ 'लाला'?
नीतीश कौशल उर्फ 'लाला' भारतीय नागरिक है और उसकी उम्र करीब 26 वर्ष बताई जा रही है। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार वह जग्गू भगवानपुरिया गैंग के लिए अपहरण, मारपीट और अन्य हिंसक वारदातों को अंजाम देता था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह गैंग की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
क्या है ऑपरेशन हार्ड बॉल?
नीतीश कौशल की गिरफ्तारी ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत हुई है। यह FBI, DEA, HSI, अमेरिकी न्याय विभाग, कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) और यूरोप की कई जांच एजेंसियों का संयुक्त अभियान है। इस अभियान का उद्देश्य भारत और कनाडा से जुड़े उन संगठित अपराध नेटवर्क को खत्म करना है, जिन पर अमेरिका में ड्रग तस्करी, हिंसक अपराध और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।
ऑपरेशन में भारी मात्रा में ड्रग्स और हथियार जब्त
जांच एजेंसियों के मुताबिक ऑपरेशन हार्ड बॉल के दौरान अब तक करीब 1,000 किलोग्राम कोकीन, 1 किलोग्राम हेरोइन, 40 हजार अमेरिकी डॉलर नकद और 12 हथियार जब्त किए गए हैं। इसके अलावा कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में 23 और लॉस एंजिल्स क्षेत्र में 11 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग भी जांच के दायरे में
अमेरिकी एजेंसियों ने इस अभियान का दायरा केवल जग्गू भगवानपुरिया गैंग तक सीमित नहीं रखा है। जानकारी के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के खिलाफ भी अमेरिका, कनाडा और यूरोप की एजेंसियां संयुक्त कार्रवाई कर रही हैं। FBI की चार्जशीट में लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया, गोल्डी बराड़, रोहित गोदारा और रविंदर सिंह ढांडा समेत 37 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं।
किन मामलों की हो रही है जांच?
FBI के अनुसार इन आरोपियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, ड्रग तस्करी, हवाला कारोबार, अवैध हथियारों की तस्करी, रंगदारी, हत्या और कई अन्य गंभीर मामलों की जांच चल रही है। कुछ मामलों में कनाडा में हुई हाई-प्रोफाइल हत्याओं और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क की जांच तेज
FBI का कहना है कि नीतीश कौशल की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की जांच और तेज कर दी गई है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गैंग के अन्य सदस्य किन देशों में सक्रिय हैं, उनके फंडिंग नेटवर्क कैसे काम करते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधों को अंजाम देने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
भारतीय मूल के गैंगस्टरों पर जारी रहेगा अभियान
अमेरिकी जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि भारतीय मूल के संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। ऑपरेशन हार्ड बॉल के जरिए ऐसे नेटवर्क की पहचान कर उनके आर्थिक स्रोतों, हथियारों की सप्लाई और ड्रग तस्करी के पूरे तंत्र को खत्म करने पर फोकस किया जा रहा है। नीतीश कौशल की गिरफ्तारी को इसी अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।











