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बम बनाने की ट्रेनिंग, पाकिस्तान से कनेक्शन...जैश-ए-मोहम्मद के मॉड्यूल पर गुजरात ATS का शिकंजा, 5 और संदिग्ध गिरफ्तार

गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल से जुड़े 5 और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में बम बनाने की कोशिश, पाकिस्तान स्थित हैंडलर से संपर्क और गुजरात में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की साजिश के संकेत मिले हैं। सभी आरोपियों को 24 जुलाई तक ATS रिमांड पर भेजा गया है और मामले की जांच जारी है।
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जैश-ए-मोहम्मद के मॉड्यूल पर गुजरात ATS का शिकंजा, 5 और संदिग्ध गिरफ्तार
गुजरात एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद के पांच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया।

अहमदाबाद। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक कथित मॉड्यूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका के खाडियाल गांव से पकड़ा गया। अधिकारियों के मुताबिक, इनकी गिरफ्तारी इसी महीने पहले पकड़े गए आठ संदिग्धों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर हुई है। अब तक इस मॉड्यूल से जुड़े कुल 13 संदिग्ध जांच के दायरे में आ चुके हैं।

कौन-कौन हुए गिरफ्तार?

ATS ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कादीवाला, मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खाली अयूब सुनसारा, शफिया रईस मुख्ती और मोहम्मद हसन कार्डिया के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को मेहसाणा जिले के कढ़ी कस्बे की अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट आर.एम. भाटिया ने उन्हें 24 जुलाई तक ATS की हिरासत में भेज दिया।

पहले पकड़े गए 8 संदिग्धों से मिला सुराग

ATS ने 3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, इन्हीं आरोपियों से पूछताछ के दौरान पांच नए संदिग्धों के नाम सामने आए। पुलिस का कहना है कि, यह पूरा नेटवर्क गुजरात में आतंकी गतिविधियों को मजबूत करने और नए लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा था।

बम बनाने की कोशिश और बड़े हमले की तैयारी का आरोप

सरकारी वकील पी.आर. दंतानी ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने टाइम बम बनाने की कोशिश की थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह प्रयास सफल नहीं हो सका। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि, मॉड्यूल से जुड़े कुछ लोगों ने 7 से 8 बार बम बनाने का ट्रायल भी किया था। जांच एजेंसी अब बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, विस्फोटक उपकरण और उससे जुड़े अन्य सबूतों की तलाश कर रही है।

Gujarat ATS

उर्दू साहित्य और विस्फोटक सामग्री की तलाश

ATS ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा उर्दू साहित्य, जिहादी किताबें और बम बनाने से संबंधित सामग्री अभी बरामद की जानी बाकी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई, उसे कहां छिपाया गया और इन दस्तावेजों की आपूर्ति किस माध्यम से हुई।

पाकिस्तान के हैंडलर से सोशल मीडिया पर संपर्क

जांच में सामने आया है कि पहले गिरफ्तार किए गए आठ संदिग्ध पाकिस्तान में बैठे 'अब्दुल्ला साहब' नाम के एक कथित हैंडलर के संपर्क में थे। ATS के अनुसार, सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए उसके संपर्क में आए थे और उसके निर्देशों पर गुजरात में मजबूत नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे। जांच एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क को एक व्यक्ति के जरिए करीब तीन लाख रुपये भी मिले थे। पहले गिरफ्तार आरोपी पाटन जिले के एक मदरसे में रह रहे थे, जहां से कुछ साहित्य और पर्चे भी बरामद किए गए थे।

जैश की शीर्ष लीडरशिप से संपर्क के संकेत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि मॉड्यूल से जुड़े दो संदिग्ध सीधे पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय के संपर्क में थे। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में इस संबंध में कुछ डिजिटल सबूत मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, इन दावों की जांच अभी जारी है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर सक्रिय होने की कोशिश?

जांच एजेंसियों का मानना है कि हाल के सुरक्षा अभियानों के बाद जैश-ए-मोहम्मद अपने नेटवर्क को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में गुजरात जैसे संवेदनशील राज्य में कथित स्लीपर सेल तैयार करने और स्थानीय युवाओं को जोड़ने की योजना पर भी जांच की जा रही है। फिलहाल एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी हैं।

Jaish-e-Mohammed

क्या है जैश-ए-मोहम्मद?

जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान स्थित एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है, जिसकी स्थापना आतंकी मसूद अजहर ने वर्ष 2000 में की थी। संगठन का मुख्यालय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में माना जाता है। भारत समेत कई देशों में इस संगठन पर आतंकी हमलों की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने के आरोप हैं। मसूद अजहर को 1994 में जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 अपहरण कांड के बाद बंधकों की रिहाई के बदले उसे छोड़ दिया गया था।

भारत में जैश पर कई बड़े आतंकी हमलों के आरोप

जैश-ए-मोहम्मद का नाम भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ चुका है। इनमें वर्ष 2000 में श्रीनगर स्थित सेना मुख्यालय पर हमला, 2001 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा हमला, उसी वर्ष संसद पर हमला, 2016 में पठानकोट एयरबेस और उरी सैन्य मुख्यालय पर हमले तथा 2019 का पुलवामा आतंकी हमला शामिल हैं। इन घटनाओं के बाद भारत ने अलग-अलग स्तर पर सैन्य और कूटनीतिक जवाबी कार्रवाई की थी।

जांच अभी जारी और गिरफ्तारियां संभव

ATS का कहना है कि, यह जांच अभी शुरुआती चरण में है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस मॉड्यूल का नेटवर्क कितना बड़ा है, किन-किन लोगों से इसका संपर्क था और क्या देश के अन्य हिस्सों में भी इससे जुड़े लोग सक्रिय हैं। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि, जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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