नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में आदिवासी युवतियों का शोषण!इंदौर में बंधक बनाकर रखा, दुबई भेजने की भी थी तैयारी

इंदौर। नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी में नौकरी और मोटे कमीशन का लालच देकर आदिवासी क्षेत्र की युवतियों को इंदौर बुलाकर बंधक बनाने और उनके शोषण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह को मिली शिकायत के बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हॉस्टल पर छापा मारा और वहां से कई युवतियों को मुक्त कराया। मामले में एक महिला और उसके सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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आईडी और रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूले पैसे
रतलाम जिले के सैलाना, बाजना और रावटी क्षेत्र की नौ युवतियां गुरुवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचीं और आपबीती सुनाई। पीड़िताओं ने बताया कि करीब दस दिन पहले सोना उर्फ सोनम ने उन्हें नौकरी और अच्छी कमाई का झांसा देकर इंदौर बुलाया। यहां पहले आईडी बनाने के नाम पर 7 हजार रुपये और बाद में रजिस्ट्रेशन के नाम पर 17 हजार रुपये वसूल लिए गए। इसके बाद उन्हें आयुर्वेदिक उत्पाद बेचने और चेन सिस्टम के जरिए नई युवतियां जोड़ने का दबाव बनाया गया।
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हॉस्टल में बंधक, मोबाइल पर भी निगरानी
पीड़िताओं के मुताबिक उन्हें राजेंद्र नगर ब्रिज के पास स्थित एक हॉस्टल में बंधक बनाकर रखा गया। मोबाइल फोन और व्हाट्सएप पर होने वाली बातचीत तक की निगरानी की जाती थी। किसी से स्वतंत्र रूप से बात करने की अनुमति नहीं थी और लगातार अन्य युवतियों को नेटवर्क से जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। बाद में जब उन्हें दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट किया जा रहा था, तब मौका पाकर वे ट्रेन से रतलाम पहुंचीं और सामाजिक कार्यकर्ता योगेश पटेल से मदद मांगी। उनकी सहायता से सभी युवतियां इंदौर पहुंचकर सीधे पुलिस आयुक्त से मिलीं।
पुलिस ने मारा छापा, कई युवतियां मिलीं
शिकायत मिलते ही पुलिस आयुक्त ने जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने साईंराम रेस्टोरेंट वाली इमारत में स्थित हॉस्टल पर छापा मारकर वहां मौजूद युवतियों को बाहर निकाला। एडीसीपी सुमित केरकेट्टा ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला धोखाधड़ी का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने उर्मिला गुर्जर और कमलेश को हिरासत में लिया है, जबकि सोना उर्फ सोनम की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार कुछ पीड़िताएं नाबालिग भी हैं।
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दुबई भेजने की आशंका, गंभीर आरोप
पीड़िताओं ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल, पहचान पत्र और नकदी अपने कब्जे में रख ली जाती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ गलत काम करने का प्रयास किया गया। युवतियों के अनुसार उन्हें पहले घूमाने के बहाने अहमदाबाद ले जाने और बाद में दुबई भेजने की तैयारी की जा रही थी। कुछ पीड़िताओं ने बयान में यह भी आरोप लगाया कि रात में लाइट बंद कर अनजान युवकों को कमरे में भेजा जाता था। सामाजिक कार्यकर्ता रोहित कुमार ने बताया कि अधिकांश युवतियां बेहद गरीब परिवारों से हैं, आठवीं तक पढ़ी-लिखी हैं और कई के माता-पिता भी नहीं हैं। आरोप है कि इसी वजह से उन्हें साजिश के तहत निशाना बनाया गया।
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आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के नाम पर नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक पूरा नेटवर्क महादेव इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित किया जा रहा था। इसमें ड्रीम लाइफ वेलनेस के आयुर्वेदिक उत्पाद बेचने के नाम पर युवतियों को जोड़कर चेन मार्केटिंग कराई जाती थी। फिलहाल पुलिस सभी पीड़िताओं के बयान दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।












