पटवारी और मंत्री के 10 साल के बैंक लेनदेन खंगालेगी पुलिस:ड्रग्स जांच में वित्तीय कड़ियां तलाशने की तैयारी

इंदौर। ब्राउन शुगर की खरीदी-बिक्री, सेवन, ऑनलाइन सट्टे और धोखाधड़ी से जुड़े मामले की जांच अब वित्तीय लेनदेन तक पहुंच गई है। पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी और कॉलोनाइजर सुमित मंत्री से पिछले 10 वर्षों के बैंक ट्रांजेक्शन का ब्योरा मांगा है। जांच एजेंसियां अब ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े संभावित मनी ट्रेल की पड़ताल में जुट गई हैं।
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डीसीपी जोन-1 नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि नाना पटवारी को कथित रूप से ब्राउन शुगर उपलब्ध कराने वाले पैडलर की रिमांड अवधि गुरुवार को समाप्त होने पर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए रिमांड बढ़वा लिया।
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फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट से बचने की कोशिश का आरोप
पुलिस ने पूछताछ के लिए कॉलोनाइजर सुमित मंत्री को भी तलब किया था। जांच के दौरान उसने पहले डॉ. दीपक बंसल से जारी बीमारी का मेडिकल प्रमाण पत्र पेश कर पूछताछ से बचने का प्रयास किया। हालांकि बाद में वह बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित हो गया।
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पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसे पायल साहनी के अनुबंध पत्र (एग्रीमेंट) के संबंध में जानकारी दी गई, लेकिन उसने नाना पटवारी को अधिकृत व्यक्ति मानने से इनकार कर दिया। साथ ही उसने अपने खिलाफ दर्ज शिकायत और पूर्व में दिए गए बयानों से भी इंकार किया।
फिर भेजा नोटिस, मांगा 10 साल का रिकॉर्ड
पुलिस ने सुमित मंत्री को दोबारा नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। इस बार उससे पिछले 10 वर्षों के बैंक खातों के लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है। अधिकारियों का मानना है कि बैंक ट्रांजेक्शन की जांच से ड्रग्स कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं।












