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Sonam Wangchuk:20 दिन की भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक की हालत गंभीर, डॉक्टरों ने ऑर्गन फेलियर का बताया खतरा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ रही है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक उपवास जारी रहने पर उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। वहीं दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर रोजाना नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
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20 दिन की भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक की हालत गंभीर, डॉक्टरों ने ऑर्गन फेलियर का बताया खतरा
अनशन के दौरान कमजोर दिखे वांगचुक।

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां उनकी सेहत सबसे बड़ी चिंता बन गई है। लगातार 20 दिनों से भोजन नहीं करने के कारण उनका वजन तेजी से घटा है और डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मेडिकल टीम का कहना है कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो शरीर के कई अंगों पर इसका असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, वांगचुक ने साफ कहा है कि सरकार की ओर से ठोस जवाब मिलने तक वे अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे।

डॉक्टरों ने जताई गंभीर चिंता

सोनम वांगचुक की देखरेख कर रही मेडिकल टीम का कहना है कि लंबे समय तक उपवास के कारण उनका शरीर अब गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। डॉक्टरों के अनुसार शरीर में मौजूद ग्लूकोज का भंडार पहले ही खत्म हो चुका है। अब शरीर ऊर्जा के लिए पहले वसा और फिर मांसपेशियों का उपयोग कर रहा है। यही वजह है कि उनका वजन लगातार कम हो रहा है और कमजोरी तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों ने बताया कि यदि यह स्थिति अधिक समय तक बनी रही तो शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील भी की है ताकि स्वास्थ्य पर कोई बड़ा खतरा न आए।

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कमजोरी बढ़ी, अनशन जारी रखने पर अड़े

गुरुवार को सामने आए वीडियो में सोनम वांगचुक काफी कमजोर नजर आए। मंच से नीचे उतरते समय उन्हें साथियों का सहारा लेना पड़ा और वे धीरे धीरे चलते दिखाई दिए। उनके सहयोगियों का कहना है कि दिन में दो बार वे गिरते-गिरते बचे। इसके बावजूद वांगचुक अपने फैसले पर कायम हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक वे भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। उनका कहना है कि इस समय अनशन समाप्त करना आंदोलन के उद्देश्य को कमजोर करेगा।

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिए निगरानी के निर्देश

वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रशासन को उनकी स्वास्थ्य स्थिति की रोजाना निगरानी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि हर नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण है और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से भी कहा गया कि वांगचुक के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण में किसी तरह की आपत्ति नहीं है और उनकी मेडिकल निगरानी जारी रहेगी।

समर्थन बढ़ा, लेकिन फैसला नहीं बदला

सोनम वांगचुक से कई नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने अनशन समाप्त करने की अपील की है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन सहित कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी उनके स्वास्थ्य पर चिंता जताई है। हालांकि वांगचुक ने समर्थकों से कहा है कि वे आंदोलन को जारी रखें और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर बातचीत शुरू नहीं करती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंता के बीच आंदोलन जारी

डॉक्टरों का कहना है कि वांगचुक की स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है। मेडिकल टीम लगातार उनकी जांच कर रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज शुरू किया जा सके। फिलहाल उनकी बिगड़ती सेहत और लगातार जारी भूख हड़ताल ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और आंदोलन के बीच बातचीत कब शुरू होती है और इस लंबे अनशन का क्या परिणाम निकलता है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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