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इंदौर में सीवरेज से कमाई का प्लान! रोज 3 करोड़ लीटर पानी बेचेगा निगम,2.20 लाख लोगों के बराबर पानी बचाने का दावा

नगर निगम चार जगह आधुनिक प्लांट लगाकर रोज 3 करोड़ लीटर ट्रीटेड वाटर तैयार करेगा। उद्योगों और संस्थानों को पानी बेचने की तैयारी है। 10 एमएलडी पानी खरीदने पर सहमति मिल चुकी है। बड़ी कॉलोनियों में डबल पाइपलाइन और घरों में दो नल होंगे। निगम का दावा है कि इससे 2.20 लाख लोगों की जरूरत के बराबर शुद्ध पानी बच सकेगा।
इंदौर में सीवरेज से कमाई का प्लान! रोज 3 करोड़ लीटर पानी बेचेगा निगम,2.20 लाख लोगों के बराबर पानी बचाने का दावा
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इंदौर। शहर में सीवरेज के पानी को बेकार बहाने के बजाय अब नगर निगम इसे कमाई का जरिया बनाने की तैयारी में है। निगम चार स्थानों पर आधुनिक तकनीक से ड्रेनेज के पानी को ट्रीट कर रोजाना 3 करोड़ लीटर पानी तैयार करेगा। इसे उद्योगों और संस्थानों को बेचने की योजना है। वहीं, भविष्य में बड़ी कॉलोनियों और नए भवनों में डबल पाइपलाइन सिस्टम लागू करने की तैयारी है। इससे घरों में पीने और अन्य कामों के लिए अलग-अलग नल होंगे।

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नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने इस योजना की जानकारी बिल्डरों, अस्पताल संचालकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दी। योजना के तहत अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जा रहा है। निगम का उद्देश्य ट्रीटेड सीवरेज वाटर का अधिकतम उपयोग कर नर्मदा और बोरिंग के पानी पर निर्भरता कम करना है।

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चार जगह लगेंगे ट्रीटमेंट प्लांट

योजना के तहत सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में 3 एमएलडी, कनाड़िया में 8 एमएलडी, टिगरिया बादशाह लेक पर 9 एमएलडी और कबीरखेड़ी स्थित एसटीपी परिसर में 10 एमएलडी क्षमता का नया प्लांट स्थापित किया जाएगा। इन चारों प्लांट की कुल क्षमता 30 एमएलडी यानी प्रतिदिन 3 करोड़ लीटर होगी।

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आरओ तकनीक से होगा पानी का उपचार

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहले से उपचारित पानी को डिस्क फिल्टर, अल्ट्रा फिल्ट्रेशन, रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) और यूवी डिसइन्फेक्शन जैसी आधुनिक तकनीकों से और शुद्ध किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार गैर-पेय कार्यों में इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

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उद्योगों से लेकर सड़कों की धुलाई तक होगा उपयोग

ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल टॉयलेट फ्लशिंग, उद्यानों की सिंचाई, निर्माण कार्यों, कूलिंग टावर, औद्योगिक प्रक्रियाओं, वाहनों और सड़कों की धुलाई, सीवर सफाई, अग्निशमन तथा झीलों के पुनर्जीवन में किया जा सकेगा। सांवेर रोड, पोलोग्राउंड, पालदा, भौंरासला, बरदरी और पीथमपुर सहित औद्योगिक क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति की संभावनाएं हैं।

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10 एमएलडी पानी खरीदने पर सहमति

नगर निगम को इंदौर विकास प्राधिकरण, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम, रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र और इंदौर रेलवे की ओर से कुल 10 एमएलडी ट्रीटेड पानी खरीदने पर सहमति मिलने की जानकारी दी गई है। यानी प्रतिदिन 10 लाख लीटर पानी के लिए खरीदार मिल गए हैं। शेष 20 एमएलडी पानी के लिए निगम को और ग्राहक तलाशने होंगे।

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बड़ी कॉलोनियों में होंगे दो नल

नगर निगम नई भवन अनुज्ञाओं में ड्यूल पाइपिंग सिस्टम अनिवार्य करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत एक पाइपलाइन पेयजल के लिए और दूसरी टॉयलेट फ्लशिंग सहित अन्य गैर-पेय कार्यों के लिए होगी। प्रधानमंत्री आवास योजना, एमवाय अस्पताल के नए भवन और इंदौर विकास प्राधिकरण की एयरोसिटी सहित अन्य परियोजनाओं में भी इस व्यवस्था का उपयोग प्रस्तावित है। दोनों तरह के पानी की आपूर्ति अलग-अलग पाइपलाइन से होगी, ताकि पेयजल व्यवस्था सुरक्षित रहे।

2.20 लाख लोगों के बराबर पानी बचाने का दावा

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, प्रतिदिन 3 करोड़ लीटर ट्रीटेड पानी का उपयोग होने पर इतनी ही मात्रा में नर्मदा और बोरिंग के पानी की बचत हो सकती है। प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी की खपत के हिसाब से यह मात्रा करीब 2.20 लाख लोगों की दैनिक जरूरत के बराबर है। हालांकि, यह बचत ट्रीटेड पानी के वास्तविक उपयोग और उसके बदले ताजे पानी की खपत कम होने पर निर्भर करेगी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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