
शैलेन्द्र वर्मा, इंदौर। नर्मदा का सप्लाई कम दबाव से हो रहा है, टंकियां पूरी नहीं भर पा रही हैं, जबकि जलकार्य समिति के प्रभारी कह रहे हैं कि टंकियां पूरी भर रही हैं। इसके बाद भी पानी के टैंकरों की डिमांड कम नहीं हो रही है। शहर में पानी सप्लाई की जिम्मेदारी निभाने वाले अफसर प्रताप बुंदेला और नरेश कुमार भास्कर शहर की स्थिति सामान्य मान रहे हैं। लेकिन शहर में पानी पूरा आने के बाद भी शहर प्यासा है।
शहर में लगातार पानी की बढ़ती डिमांड को देखते हुए नगर निगम ने 120 पानी के नए टैंकर किराए पर लिए हैं। 100 टैंकर नगर निगम के स्वामित्व वाले हैं। इस तरह कुल 498 पानी के टैंकर इस समय दौड़ रहे हैं। यह संख्या अब तक का रिकॉर्ड तोड़ देने वाली है। हर साल मई और जून महीने में 500 टैंकरों की जरूरत पड़ती थी, लेकिन इस साल अप्रैल खत्म होने से पहले ही 500 टैंकर अटैच किए जा चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में टैंकर पहले 15 मई से जून के बीच अटैच होते थे। वहीं सूत्रों के मुताबिक इस वर्ष जून में निजी टैंकरों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ सकती है और यह लगभग 600 के करीब पहुंच सकती है।
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नगर निगम जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा ने बताया कि जल संकट जैसी स्थिति नहीं है। नर्मदा के जलूद पंपिंग स्टेशन से इंदौर में 450 एमएलडी पानी प्रतिदिन छोड़ा जा रहा है, जिससे 105 नर्मदा पानी की टंकियां भर रही हैं। जरुरत पड़ने पर टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। एक दिन पहले छावनी क्षेत्र में लोगों ने सड़क रोककर प्रदर्शन किया। यहां कम प्रेशर से पानी पहुंच रहा है, जिसके कारण नर्मदा का पानी नहीं मिल रहा। स्कीम नंबर 54 के निवासी दीपक जैन ने बताया कि नर्मदा का पानी 10 से 15 मिनट तक ही आता है।

पानी की कमी को लेकर राजेश दीवाकर ने बताया कि नगर निगम एक दिन छोड़कर पानी देता है, लेकिन बिल पूरा लिया जा रहा है। नलों में पानी नहीं आ रहा, तो टैंकर भेजना चाहिए, लेकिन टैंकर के लिए भी मना किया जा रहा है। मिडिल क्लास लोगों को पानी के लिए मोटी रकम खर्च करके बाजार से निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिसकी कीमत फिलहाल 1000 से 1300 रुपए के बीच है।

मतलब साफ है। नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि नर्मदा का पानी इस समय शहर में बड़े स्तर पर बेचा जा रहा है। पानी की कमी बिचौलियों, कर्मचारियों और इंजीनियरों की वजह से हो रही है, ताकि पानी अधिक मात्रा में बेचा जा सके। भूजल विशेषज्ञ सीधीन्द्र मोहन शर्मा बताते है पारा 41 डिग्री पहुंच चुका है, हर दिन दौर में 50 बोरिंग का पानी सूख रहा है, जल स्तर 500 फीट नीचे जा चुका है। 300 से 400 फीट वाले बोरिंग से पानी की जगह कीचड़ गंदा पानी आ रहा है। महालक्ष्मी नगर, सांई कृपा, तुलसी नगर, बाणगंगा, बड़ा बागड़दा, निरंजनपुर, निपानिया, बिचौली मदार्ना सहित इंदौर के 80 प्रतिशत क्षेत्रों में बोरिंग सूख रहे है।