Indore World Record:इंदौर ने फिर किया कमाल! 5.46 लाख से ज्यादा सेग्रीगेशन सेल्फी लेकर बनाया विश्व रिकॉर्ड

पीपुल्स संवाददाता, इंदौर। देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर एक बार फिर अपनी स्वच्छता संस्कृति और जनभागीदारी के दम पर नई उपलब्धि हासिल करने में सफल रहा है। भारत सरकार के 'सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ अभियान' के तहत शहरवासियों ने रिकॉर्ड संख्या में सेग्रीगेशन सेल्फी लेकर नया इतिहास रच दिया। नगर निगम द्वारा तय किए गए लक्ष्य से कहीं अधिक लोगों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। इस शानदार उपलब्धि को लंदन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक रूप से दर्ज किया है। इससे एक बार फिर यह साबित हुआ कि स्वच्छता के प्रति इंदौरवासियों की जागरूकता पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
लक्ष्य से आगे बढ़कर बनाया नया रिकॉर्ड
नगर निगम ने इस अभियान के तहत पांच लाख सेग्रीगेशन सेल्फी का लक्ष्य तय किया था लेकिन इंदौर के लोगों ने उम्मीद से ज्यादा उत्साह दिखाते हुए 5 लाख 46 हजार 724 से अधिक सेल्फी अपलोड कीं। इस तरह शहर ने तय लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यह उपलब्धि स्वच्छता के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी और भागीदारी का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
पूरे शहर में चला जागरूकता अभियान
इस अभियान को सफल बनाने के लिए नगर निगम ने सभी 85 वार्डों में बड़े स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए। सफाई मित्रों, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली टीमों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्कूल-कॉलेजों, व्यापारिक संगठनों और रहवासी संघों ने लोगों को अभियान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हर वर्ग के लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
ये भी पढ़ें: Peoples Update Special : अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले से विहिप केमंदिर मुक्ति अभियान पर कोई असर नहीं
कचरा पृथक्करण का दिया मजबूत संदेश
अभियान के दौरान लोगों ने गीला, सूखा, घरेलू खतरनाक, सैनिटरी और ई-वेस्ट सहित छह प्रकार के अलग-अलग कचरे के साथ अपनी सेल्फी ली। इसका उद्देश्य लोगों को घर से ही कचरे का सही तरीके से पृथक्करण करने के लिए प्रेरित करना था। नगर निगम ने शहर के विभिन्न स्थानों पर विशेष सेल्फी प्वाइंट भी बनाए, जहां नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
महापौर ने नागरिकों को दी बधाई
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस उपलब्धि पर इंदौरवासियों को बधाई देते हुए कहा कि स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जब पूरा शहर एक लक्ष्य के साथ मिलकर काम करता है तो विश्व स्तर पर पहचान बनाना संभव हो जाता है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सभी नागरिकों, सफाई मित्रों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और अभियान से जुड़े हर सहयोगी को दिया।
जनभागीदारी बनी सफलता की सबसे बड़ी वजह
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि यह रिकॉर्ड इंदौर की स्वच्छता संस्कृति, अनुशासन और लोगों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। उनके अनुसार कचरा पृथक्करण स्वच्छ और स्वस्थ शहर की मजबूत नींव है। इस अभियान ने लाखों लोगों को स्वच्छता से जुड़ने और अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया है।
ये भी पढ़ें: Peoples Update Special : PHQ मेडिकल बिल घोटाला, दागी कर्मचारियों को मिला प्रमोशन; हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
स्वच्छता में इंदौर ने फिर कायम की मिसाल
इंदौर लगातार स्वच्छता के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करता रहा है। इस बार बना विश्व रिकॉर्ड केवल एक संख्या नहीं, बल्कि शहर के लोगों की सोच और जिम्मेदारी का प्रतीक है। इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि यदि नागरिक और प्रशासन मिलकर काम करें तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी आसानी से हासिल किया जा सकता है। आने वाले समय में भी नगर निगम इसी तरह स्वच्छता से जुड़े नए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करता रहेगा।











