CJP नेताओं की बड़ी मुश्किलें:इंदौर में हुई शिकायत,अभिजीत-सौरव की भूमिका खंगालेगी पुलिस

इंदौर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कथित नीट पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर अब इंदौर में दी गई एक शिकायत ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। खुद को सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर बताने वाले मुंबई निवासी फैजान अंसारी ने इंदौर पुलिस की अपराध निरोधक शाखा में शिकायत देकर अभिजीत दीपके, सौरव दास समेत अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच किए जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में नाबालिग लड़के-लड़कियों की कथित मौजूदगी की भी जांच की जानी चाहिए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि जांच के दौरान नाबालिगों को प्रदर्शन में जुटाने, बरगलाने या भड़काने में किसी की भूमिका सामने आती है और कानून के तहत संज्ञेय अपराध के तथ्य मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
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अभिजीत और सौरव की भूमिका पर जांच की मांग
मुंबई निवासी फैजान अंसारी ने अपनी शिकायत में मांग की है कि पुलिस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल करे। खासतौर पर यह पता लगाया जाए कि अभिजीत दीपके, CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास अथवा समूह से जुड़े अन्य लोगों की नाबालिगों को प्रदर्शन में लाने में कोई भूमिका थी या नहीं। शिकायतकर्ता ने यह भी जांच की मांग की है कि कहीं नाबालिगों को किसी तरह प्रभावित, उकसाया या प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित तो नहीं किया गया था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
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फोटो-वीडियो से लेकर CCTV तक खंगालने की मांग
शिकायत में सिर्फ आरोपों की जांच की बात नहीं कही गई है, बल्कि घटनाक्रम से जुड़े डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता ने इंदौर क्राइम ब्रांच से प्रदर्शन के दौरान बनाए गए फोटो और वीडियो, मीडिया इंटरव्यू, सार्वजनिक बयान, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने की मांग की है। इसके अलावा प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी संरक्षित कर जांच में शामिल करने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन तमाम साक्ष्यों की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि प्रदर्शन में कौन-कौन लोग शामिल थे और नाबालिगों की मौजूदगी या उन्हें वहां लाने को लेकर किसी की भूमिका थी या नहीं।
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POCSO समेत कई कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग
शिकायत में कहा गया है कि जांच के दौरान यदि बच्चों से संबंधित किसी यौन अपराध या अन्य संज्ञेय अपराध के तथ्य सामने आते हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता ने पॉक्सो एक्ट, भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपराध पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। हालांकि फिलहाल यह केवल शिकायत में लगाए गए आरोप और की गई जांच की मांग है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपराध साबित नहीं हुआ है। पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
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इंदौर पुलिस ने शिकायत को जांच में लिया
मामले में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस को फैजान अंसारी की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायतकर्ता ने स्वयं को सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायत में लगाए गए आरोपों और तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। यानी फिलहाल मामला शिकायत और जांच के स्तर पर है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
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20 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि कथित नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को CJP की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शनकारियों द्वारा संसद की ओर मार्च करने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति भी बनी थी। प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब नाबालिगों की कथित मौजूदगी और उनकी भूमिका को लेकर इंदौर पुलिस में शिकायत पहुंची है। शिकायत के बाद पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।
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इंदौर से शुरू हुई जांच तो दिल्ली तक पहुंचेगी आंच
मामले की खास बात यह है कि घटना दिल्ली की है, लेकिन शिकायत इंदौर पुलिस को दी गई है। ऐसे में यदि जांच आगे बढ़ती है और दिल्ली में हुए प्रदर्शन से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो दिल्ली पुलिस और वहां उपलब्ध साक्ष्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। प्रदर्शन स्थल के CCTV फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया सामग्री और मौके पर मौजूद लोगों की जानकारी जांच का आधार बन सकती है। फिलहाल इंदौर पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह तय होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कोई आपराधिक तथ्य सामने आता है या मामला केवल आरोपों तक सीमित रहता है।












