चमोली टनल हादसा! गले तक पानी, चारों तरफ मलबा और फंसी जिंदगियां, कई मजदूरों की गई जान, रेस्क्यू अभियान जारी

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी की एक निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम अचानक पानी और मलबा भर जाने से अफरा-तफरी मच गई। टनल में काम कर रहे कई मजदूर इसके अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, SDRF, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। सुरंग के भीतर हालात मुश्किल होने के बावजूद बचाव अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। कुछ मजदूरों की मौत भी हुई है, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अचानक सुरंग में घुसा पानी और मलबा
पीपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की निर्माणाधीन परियोजना की टनल में अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा पहुंच गया। पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण अंदर मौजूद मजदूरों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। घटना के बाद सुरंग के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई और बचाव दलों को तुरंत अंदर भेजा गया।
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NDRF ने संभाला रेस्क्यू का मोर्चा
NDRF की टीम के कमांडर अमृत लाल मीणा के अनुसार, जब जवान टनल के अंदर पहुंचे तो वहां काफी पानी भरा हुआ था। सुरंग की दीवारों और किनारों से भी पानी रिस रहा था। ऐसे हालात में बचाव अभियान आसान नहीं था। जवानों ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से अंदर जाकर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।
पानी के बीच ड्रम के सहारे आगे बढ़े जवान
सुरंग में पानी का स्तर काफी बढ़ गया था। ऐसी स्थिति में बचाव दल ने नीले ड्रमों का सहारा लिया। जवान पानी के बीच इन ड्रमों की मदद से आगे बढ़े और फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। रेस्क्यू टीम ने कई लोगों को बाहर निकाला। अभियान के दौरान कुछ शव भी सुरंग से बाहर लाए गए।
अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
रेस्क्यू के बाद बाहर निकाले गए मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया। गोपेश्वर जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, THDC से कई लोगों को अस्पताल लाया गया। कुछ लोगों को मृत घोषित किया गया, जबकि कई घायलों का इलाज शुरू किया गया। एक मजदूर की हालत अस्थिर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर के बेस अस्पताल भेजा गया।
सीएम धामी ने दिए तेजी से बचाव के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की पहली प्राथमिकता है। सीएम ने आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर पूरे अभियान की जानकारी भी ली और संबंधित विभागों को आपसी तालमेल से काम करने को कहा।
प्रभावित परिवारों को मदद का भरोसा
THDC की ओर से हादसे पर दुख जताते हुए कहा गया कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। कंपनी ने बताया कि रेस्क्यू अभियान में उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हादसे की विस्तृत जांच कराने की बात भी कही गई है, ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।
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इसी परियोजना में पहले भी हुआ था हादसा
इसी परियोजना की टनल में पिछले साल दिसंबर में लोको ट्रेनें आपस में टकरा गई थीं। उस घटना में कई अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर घायल हुए थे। अब एक बार फिर टनल में हादसा होने से परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और घायलों को बेहतर इलाज देना है।











