जनसुनवाई में शिकायत-छात्राओं को कीड़े लगे चने, मैडम के बच्चे खा रहे सरकारी बिस्किट-नमकीन

शिवपुरी। शहर के शासकीय सीनियर बालिका छात्रावास 40 नंबर कोठी में रह रही छात्राएं मंगलवार को जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने कलेक्ट्रेट पहुंची। छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल अधीक्षक कविता कुशवाह उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रही हैं। छात्राओं को पेट भरने के लिए रोजाना कीड़े लगे चने, पोहा और नाममात्र के तेल में बनी बंदगोभी व लौकी की बेस्वाद सब्जी परोसी जा रही है, जबकि शासन से मिलने वाला पौष्टिक राशन मैडम के परिवार की भेंट चढ़ रहा है।
अधीक्षक को हमारी परवाह नहीं
छात्रा अंजना जाटव निवासी दरगमा और उनके साथ पहुंचीं करीब 25-30 बालिकाओं ने कलेक्ट्रेट में अपनी आपबीती सुनाते हुए हॉस्टल प्रबंधन के काले कारनामों की पोल खोल दी। छात्राओं ने बताया कि अपने गांव-घर छोड़कर वे यहां रहकर पढ़ाई करने आई हैं, लेकिन हॉस्टल अधीक्षक मैडम कविता कुशवाह को उनकी सेहत से कोई सरोकार नहीं है। सुबह नाश्ते के नाम पर सिर्फ कीड़े लगे काले चने और पोहा थमा दिया जाता है। चाय तो कभी नसीब ही नहीं होती। हद तो तब हो जाती है जब कोई त्योहार हो, तब भी नाममात्र के लिए छोले-पूड़ी बनवाकर इतिश्री कर ली जाती है। खीर या अच्छा खाना तो जैसे उनके लिए सपना बन चुका है।
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दो दर्जन छात्राओं की सब्जी में एक चम्मच तेल
छात्राओं ने हॉस्टल के मेस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए बताया कि दो दर्जन से अधिक बालिकाओं के लिए जो सब्जी तैयार की जाती है, उसमें मैडम मात्र 1 चम्मच तेल डालने की हिदायत देती हैं। इसके अलावा, शासन द्वारा बालिकाओं के लिए जो नमकीन, बिस्किट और अन्य पौष्टिक राशन सामग्री भेजी जाती है, वह हॉस्टल में रहने वाली बालिकाओं को देने के बजाय मैडम अपने पति और बच्चों को परोस देती हैं। मैडम अपने परिवार के साथ अवैध रूप से हॉस्टल परिसर में ही निवास कर छात्राओं के हक पर डाका डाल रही हैं। कलेक्ट्रेट पहुंचीं छात्राओं ने हॉस्टल अधीक्षक के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने और उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है, ताकि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन और सुरक्षित माहौल मिल सके।
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