Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

इंदौर में ऑनलाइन गेम बना जानलेवा, 12 साल के मासूम ने फांसी लगाकर दी जान, फ्री फायर गेम में रुपए हार गया था छात्र

इंदौर में ऑनलाइन गेम बना जानलेवा, 12 साल के मासूम ने फांसी लगाकर दी जान, फ्री फायर गेम में रुपए हार गया था छात्र
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। ऑनलाइन गेमिंग की लत अब मासूमों की जिंदगी छीनने लगी है। इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र स्थित अनुराग नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सिर्फ 12 साल के छात्र अकलंक जैन ने फ्री फायर गेम में पैसे हारने के बाद आत्महत्या कर ली। परिजनों के डर से उसने घर में ही फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। यह हादसा गुरुवार रात का है, जब उसके दादा ने उसे फंदे पर लटका देखा।

    परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया है। वहीं 30 जुलाई को ही मासूम का जन्मदिन मनाया था।

    ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसा मासूम

    परिजनों ने बताया कि अकलंक जैन 6वीं कक्षा का छात्र था। वह ऑनलाइन गेम अपनी मां के मोबाइल में खेला करता था। 31 जुलाई को वह घर में बैठकर फ्री फायर गेम खेल रहा था। उसने फ्री फायर गेम में 3000 रुपए की राशि हार दी थी। इसके लिए उसने अपनी मां का डेबिट कार्ड गेमिंग अकाउंट से लिंक कर रखा था, जिससे यह ट्रांजेक्शन हुआ। गेम में हारने के बाद जब आकलंक ने अपनी मां को इसके बारे में बताया, तो वह तनाव में आ गया और उसे लगा कि माता-पिता इस पर नाराज होंगे।

    30 जुलाई को मनाया था जन्मदिन 

    मासूम का 30 जुलाई को ही जन्मदिन था और बड़े हर्षोल्लास से उसका जन्मदिन मनाया था , लेकिन उसने 31 जुलाई की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना पूरे परिवार के लिए सदमे से कम नहीं है। परिजन उसे तत्काल डीएनएस अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    अकलंक के पिता मोबाइल व्यापारी हैं और शहर में उनकी दुकानें हैं। मासूम के बड़े पापा का कहना है  कि सरकार को कोई ठोस कदम उठाना चाहिए, जिससे प्ले स्टोर व अन्य जगह से ऑनलाइन गेम ही मोबाइल पर डाउनलोड ना हो। 

    पुलिस कर रही जांच

    घटना की सूचना मिलने पर एमआईजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। शव को एमवाय अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    बच्चों को डिजिटल लत से बचाना जरूरी

    यह घटना सिर्फ एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। इससे पहले भी मध्य प्रदेश में कई ऑनलाइन गेम के चलते बच्चों ने इस तरह का कदम उठाया है सरकार ने कई ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध भी लगाया था, जिसके बाद भी कई ऑनलाइन गेम में अभी भी बच्चे चोरी छुपे एटीएम या फिर क्रेडिट कार्ड से उन टास्क को पूरा करते हैं और रुपए चले जाने के बाद मां-बाप से चर्चा ना करते हुए वह इस तरह का भयानक कदम उठा लेते हैं। 

    अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें, संवाद बनाए रखें और ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लें।

    (रिपोर्ट- हेमंत नागले)

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...

    Latest Posts