एमवाय अस्पताल चूहा कांड पर जयस का बड़ा आंदोलन, अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, अधीक्षक-डीन के निलंबन की मांग पर अड़े

इंदौर। महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में नवजात शिशुओं को चूहा काटने की घटना को लेकर जनजातीय युवा शक्ति (जयस) संगठन का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। पिछले 7 दिनों से जारी प्रदर्शन ने रविवार को बड़ा रूप ले लिया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय और अस्पताल परिसर में इकट्ठा होकर अर्धनग्न होकर विरोध जताया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने एमवाय अस्पताल के अधीक्षक और डीन को तुरंत निलंबित करने की मांग की।
गांधी प्रतिमा से कलेक्ट्रेट तक अर्धनग्न रैली
रविवार दोपहर जयस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एमवायएच गेट पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने कपड़े उतारकर अर्धनग्न होकर नारेबाजी की और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। वहां से वे महात्मा गांधी प्रतिमा पहुंचे और शासन विरोधी नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कपड़े उतारकर अर्धनग्न रैली निकाली और कलेक्ट्रेट तक मार्च किया।
- इस रैली में करीब 1 हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
- अलग-अलग जिलों से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इंदौर पहुंचे।
- रास्ते भर सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।
जयस नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल इंदौर का नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ महाआंदोलन है।
आंदोलन प्रदेशव्यापी बनता जा रहा
जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि यह सिर्फ दो मासूमों की मौत का मामला नहीं है, बल्कि यह मध्यप्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा। मुजाल्दा ने कहा, हमने शासन को स्पष्ट कर दिया है कि जब तक डीन और सुपरिटेंडेंट को निलंबित कर FIR दर्ज नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अधीक्षक और डीन को हटाने की मांग
जयस कार्यकर्ताओं ने साफ कहा है कि यह घटना सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि मौत को दावत देने वाली घोर चिकित्सा व्यवस्था की विफलता है। प्रदर्शनकारियों ने एमवाय अस्पताल के अधीक्षक और डीन को तत्काल निलंबित करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
भारी पुलिस बल तैनात
बढ़ते विरोध को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय और एमवायएच परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने जांच के लिए समिति गठित कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन जयस कार्यकर्ता इसे “केवल दिखावा” बताते हुए तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
क्या है पूरा मामला
इंदौर के एमवाय अस्पताल में यह दर्दनाक घटना तब सामने आई जब हाल ही में जन्मे दो नवजात शिशुओं को एनआईसीयू में भर्ती किया गया था। अस्पताल स्टाफ के मुताबिक, एनआईसीयू वार्ड में लंबे समय से चूहों का आतंक था और कई बार एक बड़ा चूहा यहां देखा गया। रविवार को पहले नवजात को चूहे ने काट लिया। शुरुआत में डॉक्टरों को लगा कि यह कोई इंफेक्शन है, लेकिन जांच के बाद चूहे के काटने की पुष्टि हुई। सोमवार को दूसरे नवजात को भी चूहा काट गया, जिसके बाद तुरंत इलाज शुरू किया गया। इलाज के दौरान दोनों मासूमों की मौत हो गई। इनमें से एक की मौत रविवार को और दूसरे की सोमवार को हुई।
(रिपोर्ट - हेमंत नागले)





















