कुपवाड़ा। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) के पास दो आतंकियों को ढेर कर दिया। ये आतंकवादी LoC के पार घुसपैठ करने का प्रयास कर रहे थे। सुरक्षा बलों ने समय पर कार्रवाई कर उन्हें रोक दिया। इस ऑपरेशन में हथियार और अन्य युद्ध सामग्री भी बरामद हुई।
जानकारी के मुताबिक, आतंकियों के शव LoC के बेहद करीब मिले हैं। सीमा पार से गोलीबारी के खतरे को देखते हुए सेना ने कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें निकालने का अभियान जारी रखा। मारे गए आतंकवादियों की पहचान और उनके संगठन की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
20 सितंबर: उधमपुर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान शहीद हुआ और दो पुलिसकर्मी घायल हुए।
8 सितंबर: कुलगाम में ऑपरेशन गुड्डर के दौरान दो जवान शहीद और दो लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी ढेर।
26 अगस्त: गुरेज सेक्टर में दो आतंकवादी मारे गए। इसमें से एक ‘ह्यूमन GPS’ के नाम से जाना जाता था।
1-12 अगस्त: कुलगाम में ऑपरेशन अखल में एक लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी को मार गिराया गया।
सेना ने बताया कि, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। घुसपैठियों को चुनौती देने पर उन्होंने गोलीबारी शुरू की, जिससे मुठभेड़ हुई। इस दौरान हथियार और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई। ऑपरेशन अभी जारी है और क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सेना और बीएसएफ ने इस घुसपैठ प्रयास पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, बीएसएफ कश्मीर फ्रंटियर के इंस्पेक्टर जनरल अशोक यादव ने पहले ही चेतावनी दी थी कि कुपवाड़ा, बांदीपोरा और बारामूला में आतंकवादी सक्रिय हैं और अगले दो महीने एलओसी पर सुरक्षा संवेदनशील रहेगी।
सुरक्षा बलों की सतर्कता से घाटी में शांति बनाए रखने में मदद मिली है। चिनार कॉर्प्स के नेतृत्व में चल रहे ऑपरेशन में आतंकवादियों की हर कोशिश नाकाम की जा रही है। अमरनाथ यात्रा और अन्य सुरक्षा-sensitive क्षेत्रों में यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।