Naresh Bhagoria
28 Jan 2026
नई दिल्ली। इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E-6595 गुवाहाटी से चेन्नई जा रही थी। उड़ान के दौरान उसमें फ्यूल की कमी का गंभीर मामला सामने आया। विमान में 168 यात्री सवार थे। उड़ान भरने के बाद पायलट को फ्यूल लेवल सामान्य से बहुत कम लगा, जिसके बाद उसने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को तुरंत MAYDAY कॉल भेजा। यह एक इमरजेंसी सिग्नल है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब विमान गंभीर खतरे में हो। सामने आई यह घटना 19 जून की है।
जैसे ही पायलट ने मेडे कॉल दी, ATC ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फ्लाइट को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया। यहां आपातकालीन स्थिति में लैंडिंग करवाई गई। लैंडिंग के बाद विमान में री-फ्यूलिंग की गई और फिर यात्रियों को लेकर चेन्नई रवाना किया गया। बेंगलुरु एयरपोर्ट अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि स्थिति को बेहद गंभीर माना गया था, लेकिन पायलट की सूझबूझ और ATC की तत्परता ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
MAYDAY एक अत्यंत गंभीर संकट का संकेत होता है जो विमान, जहाज या किसी भी परिवहन माध्यम द्वारा आपातकाल की स्थिति में भेजा जाता है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब चालक दल को लगता है कि यात्री, विमान या चालक दल की जान खतरे में है। यह शब्द तीन बार दोहराया जाता है, “Mayday, Mayday, Mayday”, ताकि किसी भी अन्य सामान्य कम्युनिकेशन से इसे अलग किया जा सके। विमानन क्षेत्र में यह सबसे गंभीर अलर्ट माना जाता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि फ्यूल की गलत गणना या निगरानी पायलट्स की लापरवाही से हुई हो सकती है। इसी कारण फिलहाल दोनों पायलट्स को ड्यूटी से हटा दिया गया है और इंडिगो ने मामले की जांच शुरू कर दी है। DGCA ने इस घटना पर संज्ञान लिया है और जांच के आदेश दिए हैं।