उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर 2025 से शुरू होगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार, 12 दिसंबर को सत्र बुलाने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे और विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी।
अधिसूचना के मुताबिक, राज्यपाल ने दोनों सदनों को 19 दिसंबर को सुबह 11 बजे वर्ष 2025 के तृतीय सत्र के लिए आहूत किया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने सत्र को 19 दिसंबर से बुलाने का फैसला लिया था, जिसे अब औपचारिक स्वीकृति मिल गई है।
हालांकि सत्र का विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह सत्र 24 दिसंबर तक चल सकता है। इस दौरान कुल छह कैलेंडर दिन होंगे। 21 दिसंबर रविवार होने के कारण अवकाश रहेगा, ऐसे में सदन की प्रभावी कार्यवाही केवल चार या पांच दिन ही हो पाएगी।
छोटे लेकिन अहम इस सत्र में योगी आदित्यनाथ सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। इसके अलावा कुछ जरूरी विधायी कामकाज भी निपटाए जाने की संभावना है।
शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में हंगामे के आसार भी नजर आ रहे हैं। विपक्षी दल, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं।
SIR के अलावा महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों पर भी तीखी बहस होने की उम्मीद है। विपक्ष का कहना है कि छोटे सत्रों में गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो पाती।
सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही में दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। कुल मिलाकर यह सत्र प्रदेश के विकास और जरूरी विधायी कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।