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समंदर का नया सिकंदर... नौसेना में शामिल हुआ INS Imphal, दुश्मनों का करेगा खात्मा; जानें इसकी खासियतें

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समंदर का नया सिकंदर... नौसेना में शामिल हुआ INS Imphal, दुश्मनों का करेगा खात्मा; जानें इसकी खासियतें
नई दिल्ली। हिंद महासागर में चीन की बढ़ती घुसपैठ को करारा जवाब देने के लिए INS इंफाल वॉरशिप भारतीय नौसेना में शामिल हो गया है। स्वदेश में निर्मित स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक INS इंफाल मंगलवार को मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में नौसेना के बेड़े में शामिल हुआ। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने INS इंफाल को मुंबई डॉकयार्ड में कमीशंड किया। यह वॉरशिप नौसेना की पश्चिमी कमान में शामिल होगा।

राजनाथ सिंह ने कही ये बात

मर्चेंट नेवी जहाजों पर हालिया हमलों के बाद भारत ने समुद्र में गश्त बढ़ा दी है। INS इंफाल के बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि “INS इंफाल के आने से भारत की ताकत और बढ़ गई है। केम प्लूटो और साईं बाबा दो भारतीय जहाजों पर हमला होने के बाद में कहना चाहता हूं कि जिन्होंने ने भी इसे अंजाम दिया है उसे सागर की गहराई से निकाल लाएंगे और उन्हें सबक सिखाएंगे, उन्हें जवाब जरूर देंगे।” भारत सरकार ने दोनों हमलों को गंभीरता से लिया है। INS इंफाल के कमीशन के मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि हमारे पास समुद्री लुटेरों (पाइरेट्स) और ड्रोन हमलों का मुकाबला करने के लिए 15 अल्फा और ब्रावो कैटेगरी के चार विध्वंसक तैनात हैं। ‘INS इंफाल न केवल समुद्र या उससे उत्पन्न होने वाले भौतिक खतरों से निपटेगा, बल्कि भारत की प्रदर्शित ताकत के माध्यम से, हमारी राष्ट्रीय एकता को नष्ट करने की कोशिश कर रहे नापाक मंसूबों को रोक भी देगा।’

आइए जानते हैं INS इंफाल से जुड़ी खासियतों के बारे में-

  • INS इंफाल ऐसा पहला वॉरशिप है, जिसका नाम पूर्वोत्तर क्षेत्र के एक शहर मणिपुर की राजधानी के नाम पर रखा गया है। यह नाम पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि को दर्शाता है।
  • यह जहाज परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध जैसी स्थितियों में लड़ने के लिए सुसज्जित है।
  • INS इंफाल में एक लिमिट तक की दूरी की सतह से हवा में मार गिराने वाली मिसाइलों को भी इंस्टॉल किया गया है।
  • पनडुब्बी रोधी स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और 76 मिमी सुपर रैपिड गन को भी INS इंफाल में इंस्टॉल किया गया है।
  •  INS इंफाल हथियारों और सेंसर से सुसज्जित है। इस वॉरशिप से निकलने वाली ब्रह्मोस मिसाइल 90 डिग्री पर घूम कर दुश्मन कर हमला करने की ताकत रखती है।
  •  इस वॉरशिप में स्टेट ऑफ द आर्ट सेंसर लगे हुए हैं, जो दुश्मन के हथियारों की लोकेशन का पता लगा सकता है।
  •  वॉरशिप की स्पीड की बात करें तो जहाज 30 समुद्री मील (56 KMPH) से ऊपर की गति से चल सकता है।
  • भारतीय नौसेना के अनुसार, INS इंफाल को भारत में निर्मित सबसे शक्तिशाली वॉरशिप में से एक माना जा सकता है।
वॉरशिप के आकार की बात करें तो INS इंफाल की लंबाई 535 फीट और वजन 7400 टन है। INS इंफाल को 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री के साथ तैयार किया गया है।

राष्ट्रपति ने 2019 में दी थी मंजूरी

इस वॉरशिप को बनाने के लिए राष्ट्रपति ने 16 अप्रैल 2019 को मंजूरी दी थी। रक्षा मंत्रालय के मुंबई स्थित शिपयार्ड मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने INS इंफाल को बनाया है। इस वॉरशिप को बंदरगाह और समुद्र में टेस्टिंग के बाद 20 अक्टूबर 2023 को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया था। ये भी पढ़ें- ब्रह्मोस और बराक मिसाइल से लैस डिस्ट्रॉयर ‘INS इंफाल’ भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल
People's Reporter
By People's Reporter

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