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भारत के लिए बड़ी खबर! न्यूजीलैंड संसद ने FTA पर लगाई मुहर, इन सामानों पर नहीं लगेगा आयात शुल्क

भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई रफ्तार मिलने वाली है। न्यूजीलैंड की संसद ने 16 सितंबर 2026 को भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA को लागू करने के लिए जरूरी बिल को 93-29 के बहुमत से मंजूरी दे दी।
भारत के लिए बड़ी खबर! न्यूजीलैंड संसद ने FTA पर लगाई मुहर, इन सामानों पर नहीं लगेगा आयात शुल्क
भारत और न्यूजीलैंड के बीच FTA को लागू करने के लिए जरूरी बिलमंजूरी दे दी।

नई दिल्ली/वेलिंगटन। भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने वाले मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA (Free Trade Agreement) ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। न्यूजीलैंड की संसद ने 16 सितंबर 2026 को इस समझौते को लागू करने के लिए जरूरी कानून को मंजूरी दे दी। संसद में बिल के पक्ष में 93 वोट पड़े, जबकि 29 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। अब दोनों देशों की जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद समझौते के लागू होने का रास्ता साफ होगा।

क्या है भारत-न्यूजीलैंड FTA?

FTA दो देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने वाला समझौता है। इसके तहत कई सामानों पर लगने वाली आयात ड्यूटी यानी टैरिफ को कम या खत्म किया जाता है। इसका सीधा असर दोनों देशों के कारोबारियों और निर्यातकों पर पड़ता है। भारत और न्यूजीलैंड ने इस समझौते पर 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए थे। भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

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न्यूजीलैंड के 57% निर्यात पर नहीं लगेगा शुल्क

न्यूजीलैंड के लिए इस समझौते का बड़ा फायदा यह है कि FTA लागू होने के बाद उसके करीब 57 फीसदी निर्यात को भारत में पहले दिन से शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। समझौते के पूरी तरह लागू होने पर न्यूजीलैंड के करीब 95 फीसदी निर्यात पर टैरिफ या तो खत्म हो जाएगा या उसमें बड़ी कटौती होगी। न्यूजीलैंड सरकार के अनुसार, लंबे समय में करीब 82 फीसदी निर्यात पूरी तरह ड्यूटी-फ्री हो जाएगा, जबकि बाकी 13 फीसदी निर्यात पर शुल्क में बड़ी कटौती की जाएगी। इसका फायदा लकड़ी, फॉरेस्ट्री, भेड़ के मांस, ऊन, कोयला, समुद्री उत्पाद और दूसरे सामानों को मिलेगा।

भारत को न्यूजीलैंड में 100% ड्यूटी-फ्री बाजार

इस FTA का भारत के लिए भी बड़ा हिस्सा है। समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारतीय निर्यात के लिए 100 फीसदी टैरिफ लाइनों पर ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच देने की पेशकश की है। यानी भारतीय सामानों को न्यूजीलैंड के बाजार में पहले की तुलना में ज्यादा प्रतिस्पर्धी कीमत पर पहुंचने का मौका मिलेगा। इसका फायदा खास तौर पर टेक्सटाइल, कपड़े, चमड़ा, जूते, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों को मिल सकता है। भारत सरकार का कहना है कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में नए अवसर खुलेंगे।

भारत ने किन क्षेत्रों को रखा बाहर?

हालांकि भारत ने अपने बाजार को न्यूजीलैंड के सभी उत्पादों के लिए पूरी तरह नहीं खोला है। भारत ने करीब 70.03 फीसदी टैरिफ लाइनों पर बाजार पहुंच की पेशकश की है, जबकि करीब 29.97 फीसदी टैरिफ लाइनों को बाहर रखा गया है। इन संवेदनशील क्षेत्रों में डेयरी उत्पाद, दूध, क्रीम, चीज, मक्खन, कुछ कृषि उत्पाद, प्याज, चना, मटर, मक्का, चीनी और खाद्य तेल जैसी श्रेणियां शामिल हैं। इसका मकसद घरेलू किसानों और संवेदनशील उद्योगों को अचानक बढ़ने वाली विदेशी प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा देना है।

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15 साल में 20 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता

FTA में सिर्फ सामानों की खरीद-बिक्री ही नहीं, बल्कि निवेश को भी महत्व दिया गया है। भारत सरकार के मुताबिक न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और रोजगार जैसे क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। समझौते में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए भी सहयोग का प्रावधान है। इसके तहत सेब, कीवी और शहद जैसे क्षेत्रों में उत्पादकता और बेहतर तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सहयोग किया जाएगा।

दोनों देशों के व्यापार में बढ़ोतरी की उम्मीद

भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है। FTA का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच बाजार पहुंच आसान करना और टैरिफ जैसी व्यापारिक बाधाओं को कम करना है। न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा है कि समझौते से दोनों देशों के कारोबारियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। न्यूजीलैंड सरकार का लक्ष्य भारत के साथ व्यापार को आगे और बढ़ाना है।

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अब आगे क्या होगा?

न्यूजीलैंड संसद की मंजूरी FTA के लागू होने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, समझौता तभी प्रभावी होगा जब दोनों देश अपनी-अपनी जरूरी कानूनी और अनुमोदन प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। न्यूजीलैंड सरकार ने उम्मीद जताई है कि FTA इसी साल लागू हो सकता है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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