नई दिल्ली। इस बार देश में मानसून ने रिकॉर्ड समय से पहले दस्तक दे दी है। पिछले चार दिनों से लगभग 40-50 किलोमीटर दूर ठहरा मानसून आखिरकार शुक्रवार, 23 मई 2025 की शाम को आगे बढ़ गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में यह केरल में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर सकता है। 16 साल में पहली बार मानसून इतना जल्दी आया है। आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार यह एक सप्ताह पहले ही दस्तक देने जा रहा है।
सबसे जल्दी और सबसे देर से मानसून कब आया
सबसे जल्दी: 11 मई 1918
सबसे देर से: 18 जून 1972
2025 में आगमन: 24 मई (संभावित)
पिछली जल्दी दस्तकें: 2001 और 2009 में 23 मई को आया था
किन राज्यों में बरसेंगे बादल?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून एक हफ्ते के भीतर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों को कवर कर सकता है। 4 जून तक यह मध्य और पूर्वी भारत तक भी पहुंच जाएगा।
इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी:
दक्षिण भारत: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना
पश्चिम भारत: महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात
पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा आदि
अन्य राज्य: ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार
रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
रेड अलर्ट: केरल, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में बहुत भारी बारिश (200 mm तक) की संभावना
ऑरेंज अलर्ट: दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाएं (70 किमी प्रति घंटा तक) और हल्की बारिश
राजस्थान में अब भी लू का कहर
जहां देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश से राहत मिली है, वहीं राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में लू चल रही है। शुक्रवार को जैसलमेर में तापमान 48°C दर्ज हुआ, और इसमें और वृद्धि की संभावना जताई गई है।
समुद्र में जाने पर पाबंदी
केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में 27 मई तक समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है। मछुआरों को एहतियात बरतने और समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
खेती-किसानी के लिए खुशखबरी
2025 में अल नीनो के प्रभाव की संभावना नहीं है, जिससे मानसून सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद है। इस वर्ष समय से पहले हुई बारिश के कारण खरीफ फसलों की बुवाई समय पर शुरू हो सकेगी। इससे धान, मक्का, कपास, सोयाबीन आदि फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन संभव है, जो देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के लिए बेहद फायदेमंद होगा।
अरब सागर में बना लो प्रेशर सिस्टम
पूर्वी-मध्य अरब सागर के ऊपर लो प्रेशर वेदर सिस्टम विकसित हो रहा है, जो अगले 36 घंटों में और मजबूत हो सकता है। इसका असर पश्चिमी तट की बारिश और हवाओं के पैटर्न पर दिखेगा।
दिल्ली-NCR में भी होगी बारिश
आईएमडी के अनुसार, शुक्रवार सुबह से ही दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने लगी हैं। आगामी दिनों में दिल्ली में और बारिश हो सकती है।
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