‘मैं तो कभी-कभार पीता हूं’…सिर्फ एक कश सिगरेट भी कर सकती है शरीर को खराब, जानिए कब दिखते हैं संकेत

कई लोगों को लगता है कि सिगरेट से होने वाली गंभीर बीमारियां तभी होती हैं, जब कोई व्यक्ति सालों या दशकों तक धूम्रपान करे। इसी सोच के चलते कुछ लोग कभी-कभार या दिन में सिर्फ एक सिगरेट पीने को सुरक्षित मान लेते हैं। लेकिन एक्सपर्ट के मुताबिक, ऐसा सोचना सही नहीं है।
सिगरेट का धुआं शरीर में पहुंचते ही अपना असर दिखाना शुरू कर देता है। शुरुआत में इसका नुकसान इतना कम हो सकता है कि व्यक्ति को कोई खास लक्षण महसूस न हो। यही वजह है कि खुद को स्वस्थ महसूस करने का मतलब यह नहीं है कि धूम्रपान शरीर को नुकसान नहीं पहुंचा रहा।
पहली सिगरेट से ही शुरू हो सकता है असर
डॉक्टरों के मुताबिक, सिगरेट का धुआं शरीर के संपर्क में आते ही फेफड़ों के साथ-साथ दिल और ब्लड वेसल्स को भी प्रभावित करना शुरू कर सकता है। इसका शुरुआती नुकसान भले ही दिखाई न दे, लेकिन शरीर धुएं में मौजूद हानिकारक पदार्थों के खिलाफ प्रतिक्रिया देने लगता है।
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सिगरेट पीते ही शरीर में क्या होता है?
सिगरेट के धुएं की थोड़ी मात्रा भी शरीर पर असर डाल सकती है। शुरुआती प्रभावों में शामिल हैं:
- हार्ट रेट बढ़ना
- ब्लड प्रेशर बढ़ना
- फेफड़ों में जलन और सूजन
- रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ना
- दिल और फेफड़ों पर अतिरिक्त तनाव
अगर कोई व्यक्ति लगातार धूम्रपान करता रहता है, तो ये प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं और भविष्य में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।
खांसी नहीं है तो क्या फेफड़े सुरक्षित हैं?
ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं है। अगर आपको खांसी, सांस फूलने या सीने में परेशानी महसूस नहीं हो रही, तब भी धूम्रपान शरीर के अंदर बदलाव शुरू कर सकता है। यानी लक्षण दिखाई न देना इस बात की गारंटी नहीं है कि शरीर पर कोई नुकसान नहीं हो रहा। कई बार शुरुआती नुकसान बिना किसी साफ संकेत के होता रहता है और व्यक्ति लंबे समय तक खुद को पूरी तरह स्वस्थ समझता रहता है।
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कम उम्र में भी दिख सकते हैं असर
धूम्रपान का असर केवल उम्र बढ़ने के बाद ही दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगों में कुछ सालों के धूम्रपान के बाद ही शरीर में बदलाव या परेशानियां नजर आने लगती हैं। इसके संभावित संकेतों में शामिल हैं:
- लगातार खांसी रहना
- सीढ़ियां चढ़ते समय जल्दी सांस फूलना
- पहले से ज्यादा थकान महसूस होना
- स्टैमिना कम होना
- बार-बार सीने में इंफेक्शन होना
- गले में जलन रहना
- एक्सरसाइज या सामान्य फिटनेस के बाद रिकवरी में ज्यादा समय लगना
अगर आराम की स्थिति में सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
क्या दिन में सिर्फ एक सिगरेट सुरक्षित है?
यह भी एक आम गलतफहमी है। डॉक्टर के मुताबिक, धूम्रपान की ऐसी कोई मात्रा तय नहीं है जिसे पूरी तरह सुरक्षित माना जा सके। जितनी ज्यादा सिगरेट पी जाती हैं, जोखिम उतना बढ़ता जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दिन में सिर्फ एक सिगरेट या कभी-कभार स्मोक करना पूरी तरह सुरक्षित है। एक सिगरेट के साथ भी शरीर सिगरेट के धुएं में मौजूद हानिकारक रसायनों के संपर्क में आता है, जो दिल, फेफड़ों और ब्लड वेसल्स को प्रभावित कर सकते हैं।
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बात सिर्फ सिगरेट की संख्या की नहीं है
कई लोग खुद को यह कहकर समझाते हैं कि वे रोजाना बहुत कम सिगरेट पीते हैं या सिर्फ दोस्तों के साथ ही स्मोक करते हैं। लेकिन कम मात्रा में धूम्रपान को पूरी तरह सुरक्षित मानना सही नहीं है। सिगरेट से होने वाला नुकसान हमेशा तुरंत महसूस नहीं होता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शरीर पर असर नहीं पड़ रहा। धूम्रपान जितना जल्दी छोड़ा जाए, उतना बेहतर है।













