10 महीने, 4 राज्यों की नौकरियां और फिर हत्या का आरोप! केयरटेकर वरुण की तलाश में जुटी पुलिस

भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्य संदेही केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश जारी है। पुलिस को उसके पिछले रोजगार और दूसरे शहरों में रहने के दौरान कथित तौर पर लोगों से सामान या पैसे लेकर गायब होने की जानकारी मिली है। उसकी तलाश में कई जगह छानबीन की जा रही है।
10 महीने, 4 राज्यों की नौकरियां और फिर हत्या का आरोप! केयरटेकर वरुण की तलाश में जुटी पुलिस
रिटायर्ड अफसर हत्या मामले में जांच जारी

भोपाल। रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद उनके घर में काम करने वाला वरुण कुमार पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद से वह फरार है और लगातार अपना रास्ता बदल रहा है। जांच में पता चला है कि उसने पिछले करीब दस महीनों में मध्यप्रदेश समेत चार राज्यों में काम किया। पुलिस अब उसके पुराने रोजगार, संपर्कों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। इसी बीच मामले में अजीत पाटनी नाम सामने आने से जांच का दायरा और बढ़ गया है।

चार राज्यों में बदली नौकरी

पुलिस को जानकारी मिली है कि वरुण ने मध्यप्रदेश के अलावा कर्नाटक और जयपुर में भी काम किया था। अलग-अलग जगहों पर उसके खिलाफ मोबाइल या नकदी लेकर चले जाने की शिकायतों जैसी जानकारी सामने आई है। पुलिस इन घटनाओं की पुष्टि करने के साथ यह भी देख रही है कि क्या उनका मौजूदा मामले से कोई संबंध है।

हत्या के बाद ट्रेन से भागने की कोशिश

जांच के मुताबिक, वारदात के बाद वरुण को भोपाल में देर रात तक देखा गया था। बताया जा रहा है कि उसने रेलवे स्टेशन जाने का रास्ता लोगों से पूछा और फिर ट्रेन पकड़ ली। राकेश अग्रवाल का मोबाइल बीना जंक्शन के पास सक्रिय हुआ। पुलिस का मानना है कि इसके बाद उसने ट्रेन बदलकर अपनी लोकेशन छिपाने की कोशिश की।

पत्नी को कमरे में बंद करने का आरोप

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, घटना की रात वरुण ने राकेश अग्रवाल की पत्नी निशी अग्रवाल के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। इसके बाद वह दूसरे कमरे में गया, जहां अग्रवाल मौजूद थे। पुलिस को घर से नकदी और जेवर गायब मिलने की जानकारी मिली है। इस मामले में हत्या, बंधक बनाने और लूट से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

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अजीत पाटनी का नाम आने से बढ़ा जांच का दायरा

जांच के दौरान अजीत पाटनी का नाम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, राकेश अग्रवाल और पाटनी के बीच कारोबारी विवाद था। करीब 11 महीने पहले अग्रवाल की शिकायत पर क्राइम ब्रांच में जालसाजी का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस अब इस पुराने विवाद और हत्या की घटना के बीच किसी संभावित संबंध की जांच कर रही है।

परिवार के लोगों से भी पूछताछ

पुलिस ने वरुण के परिजनों से पूछताछ की है। पुराने कर्मचारियों से भी जानकारी ली जा रही है, ताकि उसके काम और व्यवहार से जुड़े तथ्य सामने आ सकें। राकेश अग्रवाल का बेटा अमेरिका में रहता है। घटना के बाद उनकी पत्नी की देखभाल के लिए उनके दो भाई भोपाल पहुंचे हैं।

घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन पर उठे सवाल

घटना के बाद शहर में घरेलू कर्मचारियों की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि वरुण के दस्तावेज एक मानव संसाधन संस्था के जरिए सत्यापित किए गए थे, लेकिन जिस प्रमाण-पत्र के आधार पर उसकी नियुक्ति हुई, उसकी अवधि खत्म हो चुकी थी। अब पुलिस इस प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।

बुजुर्गों के घर कामगारों की जांच जरूरी

भोपाल में कई इलाकों में बुजुर्ग और रिटायर्ड अधिकारी अकेले रहते हैं, जबकि उनके बच्चे दूसरे शहरों या विदेश में रहते हैं। ऐसे परिवारों के लिए घरेलू कर्मचारी जरूरी होते हैं। अधिकारियों और जानकारों का कहना है कि कर्मचारी रखने से पहले पहचान, पुराने पते, दस्तावेज और पिछले रोजगार की स्वतंत्र जांच जरूरी है।

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48 घंटे बाद भी पुलिस की तलाश जारी

राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद वरुण अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जांच टीम उसके संभावित ठिकानों, पुराने संपर्कों और यात्रा के रास्तों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और घटना के बाद आरोपी ने किन रास्तों से भागने की कोशिश की।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...Read More

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