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इंदौर में ₹66 करोड़ की हेराफेरी! रुचि ग्लोबल के कर्ताधर्ताओं पर ED की बड़ी कार्रवाई

इंदौर में ₹66 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में ED ने पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। रुचि ग्लोबल लिमिटेड के कर्ताधर्ताओं समेत 21 आरोपी बनाए गए हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज, बिल और ट्रांसपोर्ट रसीदों से एलसी के जरिए रकम की हेराफेरी की गई। ED ने दिसंबर 2025 में ₹23.50 लाख नकद जब्त किए थे, जबकि फरवरी 2026 में ₹5.13 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी।
इंदौर में ₹66 करोड़ की हेराफेरी! रुचि ग्लोबल के कर्ताधर्ताओं पर ED की बड़ी कार्रवाई
फाइल फ़ोटो

इंदौर। रुचि ग्लोबल बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। ₹66 करोड़ के कथित बैंक फ्रॉड से जुड़े इस मामले में कंपनी के कर्ताधर्ताओं समेत कुल 21 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं।

फर्जी दस्तावेजों से तैयार हुआ पूरा खेल

ईडी की जांच के मुताबिक, रुचि ग्लोबल लिमिटेड, जो अब एग्रोट्रेड एंटरप्राइजेज लिमिटेड के नाम से जानी जाती है, ने बैंकों के कंसोर्टियम से करीब ₹66 करोड़ की नॉन-फंड बेस्ड क्रेडिट सुविधा यानी लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) हासिल की।मामले में कंपनी के डायरेक्टर्स उमेश शाहरा, साकेत बरोडिया और आशुतोष मिश्रा समेत अन्य लोगों पर बैंकों से हासिल रकम में कथित हेराफेरी करने का आरोप है।ईडी के अनुसार, कंपनी ने एग्रो-कमोडिटीज की खरीद के नाम पर अपनी सहयोगी कंपनियों के पक्ष में एलसी खुलवाईं। इसके लिए फर्जी दस्तावेज, जाली बिल ऑफ एक्सचेंज और कथित फर्जी ट्रांसपोर्ट रसीदें (LR) तैयार की गईं।

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एक से तीन दिन में रकम का पूरा चक्कर

जांच में ईडी ने आरोप लगाया है कि इन दस्तावेजों के आधार पर बिलों को नेगोशिएटिंग बैंकों से डिस्काउंट कराया गया। इसके बाद हासिल रकम को शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए अलग-अलग खातों में घुमाया गया और महज एक से तीन दिन के भीतर पैसा वापस रुचि ग्लोबल के खातों में पहुंचा दिया गया।आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए वास्तविक कारोबारी लेनदेन का स्वरूप तैयार किया गया, जबकि बाद में भुगतान नहीं होने से बैंकों को करीब ₹66 करोड़ का नुकसान हुआ।

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CBI की FIR से शुरू हुई ED की जांच

इस मामले की शुरुआत CBI भोपाल की ओर से दर्ज FIR से हुई। इसी आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की और कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े लेनदेन, कंपनियों और संपत्तियों की पड़ताल की।जांच आगे बढ़ने के बाद ईडी ने आरोपियों और उनसे जुड़े परिसंपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

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दिसंबर 2025 में ED की रेड, नकदी जब्त

मामले में ईडी ने दिसंबर 2025 में पीएमएलए की धारा 17 के तहत सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस कार्रवाई के दौरान ₹23.50 लाख की नकदी जब्त की गई थी। इसके साथ ही कुछ बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई भी की गई।इसके बाद 18 फरवरी 2026 को करीब ₹5.13 करोड़ की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की गई।

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अब कोर्ट में दाखिल हुई चार्जशीट

लगातार जांच और कार्रवाई के बाद ईडी ने अब इंदौर पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें कुल 21 आरोपियों को शामिल किया गया है। कोर्ट की ओर से आरोपियों को नोटिस जारी किए गए हैं।मामले में अब कोर्ट की आगामी कार्रवाई पर नजर रहेगी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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