PU Special :बुजुर्गों की देखभाल के लिए भोपाल में तैयार होंगे केयरगिवर, पूर्व IAS राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद रिटायर अफसरों ने उठाया मुद्दा

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। पूर्व अपर मुख्य सचिव राकेश अग्रवाल की कथित हत्या की घटना के बाद बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आगे आए हैं। भोपाल में दिल्ली की तर्ज पर बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित केयरगिवर तैयार करने का ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने की तैयारी है। इस पहल के लिए पूर्व आईएएस मनोहर अगनानी आगे आए हैं। उन्होंने यह प्रस्ताव बुजुर्ग आईएएस अधिकारियों के वाट्सऐप ग्रुप में साझा किया है।
बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर जताई चिंता
वर्ष 1982 बैच के आईएएस अधिकारी रहे राकेश अग्रवाल की भोपाल स्थित निवास पर कथित हत्या की सूचना से सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी व्यथित हैं। ग्रुप में अधिकारियों ने बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं। इसमें कहा गया कि भोपाल सहित प्रदेश के अन्य शहरों में कई सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एकाकी जीवन बिता रहे हैं। उनके बच्चे विदेशों में हैं या बड़े घरों और बंगलों में पति-पत्नी ही रह रहे हैं। ऐसे में उनके द्वारा रखे गए केयरटेकर कई बार बुजुर्गों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित नहीं होते।
देश में तेजी से बढ़ रही बुजुर्गों की आबादी
मप्र कैडर की वर्ष 1982 बैच की आईएएस अधिकारी अरुणा शर्मा ने ग्रुप में लिखा कि देश में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले वर्षों में उनकी देखभाल के लिए प्रशिक्षित केयरगिवर की जरूरत भी बढ़ेगी। उन्होंने केयरगिवर को पैरामेडिकल प्रशिक्षण दिए जाने की जरूरत भी बताई।
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प्रशिक्षित केयरगिवर की भोपाल में बड़ी जरूरत
पूर्व आईएएस मनोहर अगनानी ने बताया कि उनके परिवार में माता-पिता और सास-ससुर साथ रहते थे। माता-पिता का निधन हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में ऐसे बुजुर्ग हैं, जिनके पास घर, नौकर-चाकर और अन्य सुविधाएं तो हैं, लेकिन उनकी देखभाल के लिए प्रशिक्षित केयरगिवर उपलब्ध नहीं हैं। उनका प्रस्ताव है कि भोपाल में ऐसा ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया जाए, जहां बुजुर्गों की जरूरतों को समझने और उनकी देखभाल करने में सक्षम केयरगिवर तैयार किए जाएं। इन्हें बुजुर्गों को उठाने-बैठाने, नहलाने, समय पर भोजन और दवा देने जैसी दैनिक जरूरतों के साथ उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डिजिटल फ्रॉड के लिए जागरूक भी करेंगे
इसके अलावा बुजुर्गों को डिजिटल फ्रॉड से बचाने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। अगनानी के अनुसार, केयरगिवर रखने से पहले उनका पूरा रिकॉर्ड और पुलिस वैरिफिकेशन कराया जाएगा। रिटायर्ड आईएएस राधेश्याम जुलानिया ने कहा कि भोपाल में हर 100 मीटर पर एक बुजुर्ग को केयरगिवर की जरूरत है।
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