PU Special :Clean Crew Jabalpur-हर रविवार सुबह सात बजे से शहर की सफाई करने निकल पड़ते हैं युवा

जबलपुर में युवाओं का क्लीन क्रू अभियान हर रविवार तीन घंटे शहर के धार्मिक, पर्यटन, नदी-घाट और हेरिटेज स्थलों की सफाई करता है। चार युवाओं से शुरू हुई पहल में अब 162 से अधिक स्वयंसेवक जुड़ चुके हैं। 28 रविवार में करीब 16 स्थानों की सफाई कर युवाओं ने नागरिक भागीदारी का संदेश दिया।
Clean Crew Jabalpur-हर रविवार सुबह सात बजे से शहर की सफाई करने निकल पड़ते हैं युवा
क्लीन क्रू जबलपुर की टीम हर रविवार शहर में सफाई करती है।

जितेंद्र चंद्रवंशी, जबलपुर। 2 अक्टूबर गांधी जयंती का वह दिन जब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी अब युवाओं को उठानी पड़ेगी। इसी सोच के साथ संस्कारधानी के युवाओं की टोली अब शहर को स्वच्छ करने में जुट गई है। दिन होता है रविवार, सुबह के सात बजे शहर के अधिकांश लोग नींद में रहते हैं। बाजारों में भी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं होती, लेकिन संस्कारधानी के कुछ युवाओं की एक अलग ही तस्वीर दिखाई देती है। किसी के हाथ में झाड़ू है, किसी के हाथ में दस्ताने तो कोई प्लास्टिक की बोतलें और कचरा अलग कर रहा है। कोई युवाओं को दिशा दे रहा है तो कोई राहगीरों को समझा रहा है कि जिस जगह पर वे घूमने आए हैं, उसे गंदा करके न जाएं।

शहर को माना अपना घर, तीन घंटे तक करते हैं सफाई

यह किसी सरकारी अभियान का हिस्सा नहीं, बल्कि शहर को अपना घर मानने वाले युवाओं की अपनी पहल है। क्लीन क्रू जबलपुर और सनातन सर्वोपरि संघ के युवा रविवार की सुबह तीन घंटे शहर के धार्मिक, पर्यटन, नदी-घाट और हेरिटेज स्थलों की तस्वीर बदलने में जुटे रहते हैं। इनके लिए रविवार आराम का दिन नहीं, बल्कि शहर के नाम तीन घंटे समर्पित करने का दिन होता है।

4 युवाओं से शुरू हुआ सफर, अब 162 से ज्यादा स्वयंसेवक

क्लीन क्रू जबलपुर की शुरुआत 22 मार्च 2026 को महज 4 युवाओं की बातचीत से हुई। सवाल सीधा था जब हम अपना घर साफ रखते हैं तो शहर को अपना घर क्यों नहीं मान सकते? इसी सवाल ने एक अभियान को जन्म दिया और धीरे-धीरे लोग जुड़ते चले गए। आज 162 से अधिक स्वयंसेवक इस मुहिम का हिस्सा हैं। इनमें विद्यार्थी ही नहीं, डॉक्टर, अधिवक्ता, इंजीनियर, व्यापारी, आईटी प्रोफेशनल, गृहिणियां और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं। किसी को किसी पद की जरूरत नहीं, किसी को किसी पहचान की तलाश नहीं। सभी का मकसद एक है जहां गंदगी दिखाई दे, वहां शिकायत से पहले सफाई के लिए हाथ आगे बढ़ाना।

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28 रविवार से मंदिर-घाटों की सफाई

अभियान के मंदिर एवं घाट स्वच्छता सेवा के 28 रविवार पूरे हो चुके हैं। धार्मिक स्थलों पर सफाई के साथ युवाओं का प्रयास लोगों में यह भाव पैदा करना है कि मंदिर, घाट और नदी केवल घूमने या पूजा करने की जगह नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी हैं। कई युवा ऐसे हैं जो पढ़ाई या काम के सिलसिले में जबलपुर आए, लेकिन शहर को अपना मानकर इस अभियान से जुड़ गए। उनके लिए स्वच्छता किसी एक संस्था की गतिविधि नहीं, बल्कि शहर के प्रति जिम्मेदारी है।

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जिलहरी घाट से शुरू हुआ सफर

नर्मदा जी के आशीर्वाद के बाद जिलहरी घाट से शुरू हुआ सफर संग्राम सागर, बैलेंसिंग रॉक सहित शहर के करीब 16 स्थानों तक पहुंच चुका है। एकत्रित कचरे को नगर निगम की गाड़ियों के माध्यम से उठवाकर उचित स्थान तक पहुंचाया गया। उनका कहना है कि असली उपलब्धि तब होगी, जब लोगों को सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने की जरूरत ही महसूस न हो।

चाय-नाश्ते पर बनती है अगले रविवार की योजना

तीन घंटे की सफाई के बाद अभियान खत्म होता है, लेकिन युवाओं की ऊर्जा नहीं। सभी साथ बैठकर चाय-नाश्ता करते हैं, गीत गाते हैं और अगले रविवार की जगह तय करते हैं। यही अनौपचारिक साथ इस अभियान को एक टीम से बढ़ाकर परिवार जैसा बना रहा है। इनका लक्ष्य साफ है शहर के हेरिटेज स्थल, मंदिर, घाट और नदियां गंदगी से मुक्त हों।

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सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना हम सबका दायित्व

क्लीन क्रू जबलपुर के सदस्य सतीश साहू कहते हैं कि सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना हम सबका दायित्व है, जिस तरह हम अपने घर को साफ रखते हैं उसी तरह शहर को भी स्वच्छ रखने की जरूरत है। इसी सोच के साथ क्लीन क्रू शहर को स्वच्छ करने का प्रयास कर रहा है।

यह जरूरी नहीं कि सिर्फ निगम या सरकार सफाई करे

क्लीन क्रू जबलपुर की मेंबर दिव्या तिवारी ने कहा कि सिर्फ सरकार या नगर निगम ही शहर की सफाई करे यह जरूरी नहीं है। आपको भी अपनी भागीदारी दिखानी होगी, जब तक शहर का हर नागरिक इस सोच के साथ आगे नहीं बढ़ेगा शहर स्वच्छ नहीं हो सकता। हम लोगों की यही सोच बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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