ऑफिस में बॉस से भूलकर भी न कहें ये बातें, करियर पर पड़ सकता है असर...!

नौकरी में अच्छा प्रदर्शन सिर्फ समय पर काम पूरा करने से तय नहीं होता। ऑफिस में आपका व्यवहार और बातचीत का तरीका भी आपकी पहचान बनाता है। कई बार कर्मचारी गुस्से, तनाव या जल्दबाजी में ऐसी बात कह देते हैं, जिसका असर उनकी प्रोफेशनल छवि पर पड़ सकता है। खासकर बॉस से बातचीत के दौरान शब्दों का चुनाव सोच-समझकर करना जरूरी है। कुछ सामान्य वाक्य सामने वाले को यह संकेत दे सकते हैं कि कर्मचारी जिम्मेदारी से बच रहा है या टीम के साथ काम करने में सहज नहीं है। ऐसे में छोटी-सी बातचीत भी भविष्य के काम और रिश्तों पर असर डाल सकती है।
ये मेरा काम नहीं है कहने से बचें
हर कर्मचारी की एक तय जिम्मेदारी होती है, लेकिन टीम में कभी-कभी अतिरिक्त काम भी सामने आ सकता है। ऐसे में सीधे यह कहना कि यह मेरा काम नहीं है, गलत संदेश दे सकता है। अगर आप पहले से व्यस्त हैं तो अपनी स्थिति बताकर पूछें कि नए काम के लिए प्राथमिकता कैसे तय की जाए। इससे आप सहयोगी और जिम्मेदार नजर आएंगे।
‘मैं नहीं कर सकता’ की जगह समाधान बताएं
किसी मुश्किल काम को देखकर तुरंत मना करना आपके आत्मविश्वास पर सवाल खड़ा कर सकता है। इसके बजाय बताएं कि काम पूरा करने के लिए आपको किस तरह की मदद या अतिरिक्त समय चाहिए। इससे बॉस को लगेगा कि आप समस्या से भागने के बजाय उसका रास्ता खोजने की कोशिश कर रहे हैं।
नारियल के छिलके फेंकने से पहले जान लें ये ट्रिक, घर पर मुफ्त में बनाएं कोकोपीट
गलती होने पर दूसरों को दोष न दें
‘ये मेरी गलती नहीं है’ कहकर तुरंत किसी दूसरे कर्मचारी पर जिम्मेदारी डालना आपकी छवि खराब कर सकता है। अगर आपकी भी कोई भूमिका रही है तो उसे स्वीकार करना बेहतर है। इसके बाद यह बताएं कि गलती कैसे सुधारी जा सकती है। जिम्मेदारी लेने वाला रवैया भरोसा बढ़ाता है।
पुराने बॉस से तुलना न करें
अपने पुराने ऑफिस या मैनेजर की तुलना मौजूदा बॉस से करना भी सही तरीका नहीं है। ‘मेरे पुराने बॉस इससे बेहतर थे’ जैसी बात वर्तमान कार्यस्थल में नकारात्मक असर डाल सकती है। अगर पुराने ऑफिस का कोई अच्छा तरीका यहां लागू हो सकता है तो उसे तुलना के बजाय सुझाव की तरह रखें।
‘मैं इस्तीफा दे दूंगा’ कहना भारी पड़ सकता है
गुस्से में नौकरी छोड़ने की बात कहना एक तरह का दबाव बनाने जैसा लग सकता है। इससे बॉस आपको अस्थिर कर्मचारी मान सकते हैं। अगर काम या माहौल से परेशानी है तो शांत तरीके से अपनी समस्या बताएं और बातचीत के जरिए समाधान तलाशें।
हर बात पर शिकायत करने से बचें
काम में परेशानी आना सामान्य है लेकिन लगातार शिकायत करते रहना आपकी छवि पर असर डाल सकता है। किसी समस्या के साथ उसका संभावित समाधान भी बताएं। मीटिंग में बहुत ज्यादा बोलने या पूरी तरह चुप रहने के बजाय जरूरी बात साफ और कम शब्दों में रखना बेहतर है।
Swiggy-Zomato पर एक ही डिश के दाम अलग क्यों? जानें बिल बढ़ने की वजह
दूसरों का क्रेडिट लेने से बिगड़ेगी साख
किसी सहकर्मी के काम का श्रेय खुद लेना लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकता है। टीम के योगदान को पहचानना आपकी प्रोफेशनल छवि को मजबूत करता है। इसी तरह बॉस की जरूरत से ज्यादा तारीफ या हर बात पर उनकी आलोचना करने के बजाय संतुलित व्यवहार रखना बेहतर है।




















