चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा की सियासत में मंगलवार को बड़ा फेरबदल हुआ है। सीएम मनोहर लाल खट्टर ने चंडीगढ़ में राजभवन पहुंचकर कैबिनेट समेत सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही बीजेपी और जननायक जनता पार्टी (JJP) का गठबंधन टूट गया है। माना जा रहा है कि जजपा हरियाणा में 1 से 2 लोकसभा सीटें मांग रही थी जबकि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन सभी 10 सीटों पर खुद लड़ने के पक्ष में है। ऐसे में आगामी लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर हुए मतभेदों की वजह से ये गठबंधन टूट रहा है।
विधायक दल की बैठक में होगा नए नेता का ऐलान
जानकारी के मुताबिक, सुबह 11.50 बजे मुख्यमंत्री मनोहर लाल चंडीगढ़ में राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपनी पूरी कैबिनेट का इस्तीफा सौंप दिया। जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। इस तरह राज्य में बीजेपी और जेजेपी का गठबंधन टूट गया है। अभी हरियाणा BJP विधायक दल की मीटिंग चल रही है, जिसमें नए नेता का ऐलान होगा। राजभवन में शाम 5 बजे नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होगा।
सीट शेयरिंग को लेकर टूटा गठबंधन
JJP लोकसभा चुनाव में हरियाणा में 1 से 2 सीटें मांग रही थी जबकि BJP का केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन सभी 10 सीटों पर खुद लड़ने के पक्ष में है। इसी वजह से गठबंधन टूटा है। JJP के राष्ट्रीय महासचिव और हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला दिल्ली में सोमवार को BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिले थे, लेकिन सीट शेयरिंग पर बात नहीं बनी।
हरियाणा विधानसभा का गणित क्या है?
हरियाणा में विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं। बहुमत के लिए 46 विधायक चाहिए। भाजपा ने 2019 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से 40 सीटें जीती थीं। लेकिन वह बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई थी। वहीं कांग्रेस को 31 सीटें मिली थीं। इसके अलावा जनता जननायक पार्टी को 10 सीटों पर जीत मिली थी, भाजपा ने जजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।
हरियाणा में जजपा से गठबंधन टूटा लेकिन बहुमत भाजपा के ही पास है। हरियाणा में भाजपा के पास खुद के 41 MLA हैं। 6 निर्दलीय और एक हलोपा विधायक का भी उसे समर्थन हासिल है यानी भाजपा के पास 48 विधायक हैं। बहुमत के लिए 46 सीटें चाहिए।
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