‘ज्ञानेश कुमार की गर्दन काट दूंगा’... CEC को धमकी देने वाला कौन? VIDEO VIRAL

भारत में मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर चल रहा विवाद अब और गंभीर हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को जान से मारने की धमकी देने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में नोएडा निवासी रवि कुमार गौतम कथित तौर पर ज्ञानेश कुमार की गर्दन काटने की बात कहते नजर आ रहे हैं। रवि गौतम को युवा शक्ति दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
करीब 4 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
वायरल वीडियो में रवि कुमार गौतम CEC ज्ञानेश कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह कहते हैं कि अगर सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति उन्हें एक हत्या की माफी दें, तो वह सबसे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गर्दन काटेंगे। वीडियो में वह आरोप लगाते हैं कि ज्ञानेश कुमार ने देश के लोगों के भविष्य और उनके वोट देने के अधिकार के साथ खिलवाड़ किया है। साथ ही उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित तौर पर पक्षपात और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए हैं।
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नोएडा पुलिस ने लिया वीडियो का संज्ञान
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नोएडा पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस वीडियो की सत्यता और उससे जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो कब और कहां बनाया गया, इसे किसने रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर किस अकाउंट से पोस्ट किया गया। पुलिस वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और उसके बयान की भी जांच करेगी। अगर जांच में धमकी दिए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
वोटर लिस्ट और SIR को लेकर पहले से विवाद
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब चुनाव आयोग की मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन Form-6 में बदलाव से पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया मुश्किल हुई है। उनका दावा है कि फॉर्म में आवेदकों से माता-पिता या दादा-दादी के पिछले SIR में शामिल होने से जुड़ी जानकारी मांगी गई। कांग्रेस ने इस बदलाव को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही की मांग की है और उनके इस्तीफे की मांग भी उठाई है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्रक्रिया में बदलाव जुलाई में किया गया और इसके लिए पर्याप्त आधिकारिक सूचना नहीं दी गई।
चुनाव आयोग का पक्ष भी सामने आया
विवाद के बीच चुनाव आयोग की ओर से यह कहा गया है कि Form-6 में बदलाव किए जाने के आरोपों को उस तरह नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक, संबंधित जानकारी एक अतिरिक्त घोषणा के रूप में जोड़ी गई थी और Form-6 में औपचारिक संशोधन नहीं किया गया था। यानी एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, वहीं आयोग की ओर से लगाए गए आरोपों पर अलग स्पष्टीकरण दिया गया है।
धमकी वाले वीडियो की जांच अहम
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम बात वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की भूमिका की जांच है। चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक विवाद अपनी जगह है, लेकिन किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को हिंसा या हत्या की धमकी देना एक अलग कानूनी मामला है।


















