MP में मानसून की विदाई टली! डैम के गेट खुले, नदियां उफनीं, 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई की तारीख करीब आ गई है, लेकिन बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और बांधों का जलस्तर बढ़ गया है। हालात ऐसे हैं कि बरगी, जोहिला और बिलगांव बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ना पड़ा है। मौसम विभाग ने रविवार को सात जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, अगले चार दिन भी बारिश जारी रहने की संभावना है।
इन 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
रविवार को मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश होने का अलर्ट है। इसके अलावा प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में भी बारिश की संभावना है। वहीं, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में भी बादल बरस सकते हैं।
डिंडौरी-उमरिया में तीन दिन से बारिश
डिंडौरी और उमरिया में पिछले तीन दिनों से तेज बारिश हो रही है। लगातार पानी गिरने से नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। डिंडौरी के जोगी टिकरिया का पुल पानी में डूबा रहा, जिससे जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे-45 पर यातायात प्रभावित हुआ। बारिश के कारण शहपुरा स्थित बिलगांव बांध के दो गेट खोलने पड़े। वहीं, उमरिया के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के चार गेट दो-दो मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा गया।
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बरगी बांध के भी खोले गए गेट
जबलपुर के बरगी बांध में पानी की लगातार आवक बनी हुई है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार को पांच गेट खोले गए थे। इसके बावजूद बांध में पानी आता रहा, जिसके बाद शनिवार को चार गेट और खोलने पड़े। बांधों से पानी छोड़े जाने के चलते निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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अगले 24 घंटे तक बारिश का असर
मौसम विभाग के मुताबिक, गहरे अवदाब के कारण प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर बना हुआ है। इसका असर अगले 24 घंटे तक रह सकता है। इसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि एक जून से 30 सितंबर तक मानी जाती है। यानी मानसून की विदाई में अब चार दिन बाकी हैं। राजस्थान के कई जिलों से मानसून लौट चुका है, लेकिन मध्य प्रदेश में जाते-जाते बादल अब भी जमकर बरस रहे हैं।



















