कलेक्टर से ही करेंगे बात! स्कूल की शिकायत लेकर 200 छात्र निकले पैदल, बड़वानी में Gen-Alpha छात्रों का हंगामा

मध्य प्रदेश। बड़वानी जिले में सोमवार को एकलव्य आदर्श विद्यालय जामली के छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन से प्रशासन में हलचल मच गई। बड़ी संख्या में विद्यार्थी सुबह स्कूल से जिला मुख्यालय की ओर पैदल रवाना हुए। उनका कहना था कि वे अपनी शिकायत सीधे कलेक्टर के सामने रखना चाहते हैं। रास्ते में आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर विद्यार्थियों ने कुछ समय के लिए जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और उन्हें शांत करने का प्रयास किया।
कलेक्टर से सीधे मिलने की मांग पर अड़े छात्र
छात्रों के मुताबिक स्कूल और छात्रावास से जुड़ी कई समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला। इसी वजह से उन्होंने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर जयति सिंह से सीधे मिलने का फैसला किया। विद्यार्थियों की संख्या करीब 200 बताई गई। अधिकारियों ने रास्ते में उन्हें रोककर बातचीत की, लेकिन छात्र अपनी बात कलेक्टर तक पहुंचाने की मांग पर कायम रहे।
हाईवे पर बैठकर किया प्रदर्शन
जिला मुख्यालय की ओर बढ़ रहे विद्यार्थियों ने आगरा-मुंबई हाईवे पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। स्थिति की जानकारी मिलते ही एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, पुलिसकर्मी और स्कूल के प्राचार्य सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक छात्रों को समझाया गया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनने का भरोसा दिलाया।
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छात्रावास की व्यवस्था पर उठे सवाल
विद्यार्थियों ने हॉस्टल में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि उन्हें कई जरूरी सुविधाएं पर्याप्त रूप से नहीं मिल रही हैं। छात्रों ने यह भी कहा कि परिजनों से मिलने को लेकर उन्हें परेशानी होती है। कुछ विद्यार्थियों ने छात्रावास की व्यवस्था और शिकायतों को लेकर दबाव बनाए जाने का आरोप भी लगाया। इन शिकायतों के सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
जातिसूचक टिप्पणी का भी आरोप
छात्रों ने कुछ जिम्मेदार लोगों पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया। विद्यार्थियों का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और आरोप सही मिलने पर कार्रवाई की मांग की। छात्राओं ने स्कूल और हॉस्टल में अपने सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी प्रशासन के सामने रखे।
कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
पैदल मार्च के दौरान कुछ छात्राओं को चक्कर आने की शिकायत हुई। इसके बाद मौके पर एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल भेजा गया। लंबी दूरी तक पैदल चलने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी हुई। प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों की स्थिति पर भी नजर रखी और उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस ले जाने की व्यवस्था पर बातचीत की।
कलेक्टर ने जांच कमेटी बनाने की बात कही
कलेक्टर जयति सिंह ने बताया कि जामली के बच्चे अपनी समस्याओं को लेकर मिलने आ रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी शिकायतों पर विस्तार से बातचीत की। कलेक्टर के अनुसार बच्चों ने प्राचार्य पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। इसके अलावा ऑडिटोरियम, काउंसलिंग और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याएं भी सामने आई हैं। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
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अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
छात्रों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने जांच शुरू करने की बात कही है। विद्यार्थियों की मांग है कि स्कूल और छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए और उनकी सभी शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से समाधान हो।




















