Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Gandhi Jayanti: आखिर क्यों इंडियन करंसी पर छपी महात्मा गांधी की तस्वीर ? कैसे नोटों पर आया उनका मुस्कुराता चेहरा ? जानने के लिए पढ़ें....

Follow on Google News
Gandhi Jayanti: आखिर क्यों इंडियन करंसी पर छपी महात्मा गांधी की तस्वीर ? कैसे नोटों पर आया उनका मुस्कुराता चेहरा ? जानने के लिए पढ़ें....
नई दिल्ली। भारत में हर साल 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी के जन्मदिवस को गांधी जयंती के तौर पर मनाया जाता है। आज उनकी 154वीं जयंती है। महात्मा गांधी से जुड़ी कई बातें आप जानते होंगे, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में बहुत स्वतंत्रता सेनानी थे, लेकिन इनमें से सिर्फ महात्मा गांधी को ही करेंसी नोट पर क्यों छापा गया। हर रोज काम में आने वाली भारतीय मुद्रा में आखिर महात्मा गांधी की फोटो कैसे आई और नोटों पर छपी उनकी मुस्कुराते चहरे की तस्वीर कहां ली गई थी। हम बताते हैं इस सभी सवालों का जवाब।

पहली बाक कब आई नोटों पर बापू की तस्वीर

साल 1969 में आरबीआई (RBI) ने एक रुपए का नोट जारी किया था। जिस पर महात्मा महात्मा गांधी की तस्वीर लगी थी। इसके बाद साल 1987 में 500 रुपए के नोट पर फिर से महात्मा गांधी की फोटो छापी गई, इसे आरबीआई ने जारी किया था। साल 1996 से बापू की तस्वीर हर नोट पर छपने लगी थी।

बापू से पहले छपते थे राष्ट्रीय और धार्मिक चिन्ह

भारतीय नोटों पर गांधी जी की फोटो से पहले कई राष्ट्रीय और धार्मिक चिन्ह छपा करते थे। RBI के मुताबिक, सभी सिंबल या संकेतों को आसानी से नकल करके तैयार किया जा सकता था। हालांकि, किसी भी इंसान के चेहरों को हुबहू डुप्लीकेट करना मुश्किल होता है इस वजह से धार्मिक और राष्ट्रीय चिन्हों की जगह किसी व्यक्ति के चेहरे को नोटों पर छापने के लिए चुना गया था। अब सवाल उठता है कि महात्मा गांधी की फोटो ही क्यों?

महात्मा गांधी को ही क्यों चुना गया

भारत में बहुत स्वतंत्रता सेनानी थे, लेकिन इनमें से सिर्फ महात्मा गांधी को ही नोट पर छापा गया। दरअसल, महात्मा गांधी पूरे देश में एक समान अहमियत रखते थे और लोग उन्हें अपना आदर्श भी मानते थे। वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिनके विचार भारत समेत पूरी दुनिया में फैले हुए थे। महात्मा गांधी एक ऐसा चेहरा थे जिनका विरोध कोई नहीं कर सकता था। उस समय सभी स्वतंत्रता सेनानी किसी खास क्षेत्र से जुड़े हुए थे। ऐसे में किसी और का चेहरा चुनना विवाद और विरोध पैदा का कारण बन सकता था। यही वजह थी कि महात्मा गांधी के चेहरे पर ही आखिरी मुहर लगी और नोटों पर छापने के लिए चुना गया। आज हम नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर को देख सकते हैं। नोटों पर महात्मा गांधी की फोटो से पहले कई तरह के राष्ट्रीय और धार्मिक सूचकों का इस्तेमाल किया जाता था।

कहां खींची गई थी नोटों पर लगी बापू की फोटो

नोटों पर छपी महात्मा गांधी की फोटो जो आप देखते हैं उसके पीछे भी एक कहानी है। वह फोटो कोलकाता में खींची गई थी। यह फोटो पेथिक लॉरेंस के साथ हुई मुलाकात के दौरान ली गई थी। दरअसल,  महात्मा गांधी वायसराय हाउस में भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत फ्रेडरिक पेथिक लारेंस से मिलने पहुंचे थे। उस समय उनकी यह फोटो ली गई थी, जिसके बाद उसे पोर्ट्रेट नोटों पर इस्तेमाल किया गया। उस फोटो के वास्तविक फोटोग्राफर का नाम आज तक किसी को पता नहीं है। (इनपुट- सोनाली राय) ये भी पढ़ें- महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती आज : PM मोदी ने राजघाट-विजयघाट पहुंचकर दी श्रद्धांजलि, बोले- बापू का प्रभाव वैश्विक
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

Latest Posts