Flydubai विमान हमले पर ईरान का बड़ा दावा, 'नेतन्याहू और UAE राष्ट्रपति ने रची साजिश', ट्रंप की धमकी के बाद आया बयान

Flydubai विमान में हुए कॉकपिट हमले को लेकर ईरान की तरफ से बड़ा आरोप लगाया गया है। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने दावा किया है कि UAE से तेल अवीव जा रही Flydubai फ्लाइट में हुई घटना के पीछे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की कथित साजिश हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या थी कथित साजिश की वजह?
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कथित प्लॉट के पीछे कई मकसद हो सकते हैं। इनमें नेतन्याहू पर 7 अक्टूबर के हमास हमले को लेकर बढ़ते सवालों से ध्यान हटाना, 27 अक्टूबर के इजरायली चुनाव से पहले उनकी स्थिति मजबूत करना और ईरान के खिलाफ नई कार्रवाई के लिए बहाना तैयार करना शामिल है। यह आरोप ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Flydubai विमान के को-पायलट और ईरान के बीच किसी संबंध की पुष्टि होने पर ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ट्रंप ने ईरान को लेकर क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका Flydubai विमान मामले की जांच कर रहा है। उनके मुताबिक, उन्हें मिल रही जानकारी के आधार पर इस मामले में ईरान की भूमिका हो सकती है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर विमान के को-पायलट और ईरान के बीच कोई संबंध सामने आता है तो ईरान पर बहुत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
क्या है Flydubai विमान हमला?
UAE से तेल अवीव जा रही Flydubai फ्लाइट में ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन पर चाकू से हमला किया था। इसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। विमान में मौजूद यात्रियों और अन्य क्रू मेंबर्स ने कॉकपिट में पहुंचकर को-पायलट को काबू किया और विमान को स्थिर करने में मदद की। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। फ्लाइट में 182 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक थे। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर भी हमले में घायल हुए थे और बाद में अबू धाबी में उनका इलाज कराया गया। जांच अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल आतंकवाद समेत दूसरे संभावित कारणों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इजरायल और UAE भी कर रहे जांच
Flydubai विमान मामले की जांच में इजरायल के खुफिया और सुरक्षा अधिकारी भी सऊदी अरब में मदद कर रहे हैं। इजरायल ने को-पायलट को पूछताछ के लिए अपने देश भेजने का अनुरोध किया है। वहीं UAE ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले का किसी आतंकी मकसद से संबंध था या नहीं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ओमानी को-पायलट इस्लामिस्ट कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उन्हें यह जानकारी कैसे मिली, तो उनके कार्यालय ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। ईरान की भूमिका को लेकर नेतन्याहू ने कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
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कॉकपिट से भेजे गए थे 7700 और 7500 कोड
Flightradar24 के मुताबिक, विमान के कॉकपिट से दो इमरजेंसी कोड भेजे गए थे। पहले 7700 कोड भेजा गया, जो सामान्य इमरजेंसी सिग्नल है। इसके बाद 7500 कोड का इस्तेमाल हुआ, जो विमान में गैरकानूनी दखल या संभावित हाईजैकिंग का संकेत देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई से लगभग एक मिनट में 17 हजार फीट तक नीचे आ गया था। इसके बाद विमान ने सऊदी-जॉर्डन सीमा के पास चक्कर लगाया और तबुक में सुरक्षित लैंडिंग की गई। मामले की जांच अभी जारी है।




















