कैब बुकिंग में 5 स्टार रेटिंग का खेल, क्या सच में मिलती है शानदार राइड? जानिए क्या है अंतर

आज के समय में मोबाइल ऐप से कैब बुक करना बेहद आसान हो गया है। कुछ ही मिनटों में गाड़ी बुक होती है, ड्राइवर की लोकेशन दिखने लगती है और सफर पूरा होने के बाद रेटिंग देने का विकल्प भी मिल जाता है। लेकिन क्या हर पांच सितारा रेटिंग का मतलब शानदार सफर होता है? जरूरी नहीं! कई बार कैब देर से आती है, ड्राइवर बुकिंग कैंसिल कर देता है या गाड़ी की हालत उम्मीद के मुताबिक नहीं होती। इसके बावजूद सफर पूरा होने पर यात्री पांच सितारे दे देता है। इसी सवाल को लेकर ग्रीन एसएम (Green SM) ने पांच सितारा राइड की एक नई सोच पेश की है। कंपनी का कहना है कि अच्छी राइड का मतलब सिर्फ सफर पूरा होना नहीं, बल्कि शुरुआत से अंत तक यात्री को बेहतर और भरोसेमंद अनुभव देना है।
कैब बुकिंग से लेकर सफर तक, यात्रियों को होती हैं ये परेशानियां
लोकलसर्किल्स के 2025 में प्रकाशित एक सर्वे में 17,993 लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें 74 प्रतिशत लोगों ने बताया कि ड्राइवर मंजिल या भुगतान का तरीका पूछने के बाद कैब कैंसिल कर देते हैं। वहीं, 62 प्रतिशत यात्रियों ने बढ़े हुए किराये, 53 प्रतिशत ने लंबे इंतजार, 30 प्रतिशत ने गंदी गाड़ियों और 25 प्रतिशत ने ड्राइवरों के व्यवहार को लेकर शिकायत की। करीब 6 प्रतिशत लोगों ने सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी जाहिर कीं। यह सर्वे देश के 325 जिलों में किया गया था। हालांकि, इसके आंकड़े दिल्ली-एनसीआर के लिए अलग से जारी नहीं किए गए। लेकिन जरा सोचिए, आपने ऑफिस पहुंचने के लिए कैब बुक की। पहला ड्राइवर मंजिल पूछकर बुकिंग कैंसिल कर देता है। दूसरा ड्राइवर काफी देर तक एक ही जगह खड़ा रहता है और तीसरी कैब मिलने तक आपका काफी समय निकल जाता है। ऐसे में सफर तो पूरा हो जाता है, लेकिन क्या इसे शानदार अनुभव कहा जाएगा?
पांच सितारों की रेटिंग कितनी भरोसेमंद?
कैब बुकिंग ऐप पर पांच सितारे मिलना अच्छी बात है, लेकिन इससे हमेशा सर्विस की असली गुणवत्ता का पता नहीं चलता। उबर की सर्विस क्वालिटी पर सुसान एथे, जुआन कैमिलो कैस्टिलो और भारत चंदर के एक अध्ययन में पाया गया कि उनके सैंपल में सिर्फ 29.8 प्रतिशत राइड को रेटिंग मिली थी। इनमें से ज्यादातर राइड को पांच सितारे दिए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, जब तक सफर में कोई खास परेशानी नहीं आती, यात्रियों की ओर से सबसे ज्यादा रेटिंग दिए जाने की संभावना रहती है। वहीं, नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च की एक अन्य स्टडी में उबर ड्राइवरों की औसत रेटिंग 5 में से 4.74 पाई गई। हालांकि, ये दोनों अध्ययन भारत पर आधारित नहीं हैं, लेकिन इनसे रेटिंग सिस्टम की एक बड़ी कमी समझ आती है। कई बार पांच सितारे सिर्फ यह बताते हैं कि सफर में कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई। इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि यात्री को वाकई शानदार सर्विस मिली हो।
अब सिर्फ कैब नहीं, बेहतर अनुभव चाहते हैं यात्री
ऐप आधारित कैब सेवाओं ने लोगों का सफर काफी आसान बना दिया है। अब घर बैठे गाड़ी बुक करना, ड्राइवर की लोकेशन देखना और ऑनलाइन भुगतान करना संभव है। लेकिन अब यात्रियों की उम्मीदें भी पहले से बढ़ गई हैं। लोग चाहते हैं कि कैब समय पर पहुंचे, ड्राइवर सही लोकेशन पर आए, गाड़ी साफ-सुथरी हो और किराये को लेकर कोई उलझन न हो। साथ ही, हर बार सफर का अनुभव एक जैसा होना भी जरूरी है। भारत की मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 में भी कैब सेवाओं के लिए कई जरूरी नियम शामिल किए गए हैं। इनमें ड्राइवरों की ट्रेनिंग, सुरक्षा, बीमा और शिकायतों के समाधान जैसे मुद्दे शामिल हैं। नियमों के अनुसार, बिना सही वजह के स्वीकार की गई राइड कैंसिल करने पर ड्राइवर पर किराये का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसकी अधिकतम सीमा 100 रुपये तय की गई है।
Green SM का 'Ride 5 Star' प्लान क्या है?
ग्रीन एसएम ने जून 2026 में दिल्ली-एनसीआर में अपनी कैब सेवाएं शुरू की थीं। कंपनी ने 'Ride 5 Star' के जरिए यात्रियों को बेहतर और एक जैसा अनुभव देने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए गाड़ी की गुणवत्ता से लेकर ड्राइवरों की ट्रेनिंग और सर्विस की निगरानी तक कई बातों पर ध्यान दिया जा रहा है। ग्रीन एसएम लिमो अपनी सेवा में पूरी तरह इलेक्ट्रिक सात सीटों वाली विनफास्ट लिमो ग्रीन कार का इस्तेमाल करती है। यह गाड़ी रोजाना ऑफिस जाने, बिजनेस मीटिंग और परिवार के साथ सफर करने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। इसमें तीन कतारों में सीटें दी गई हैं, जिससे परिवार और दोस्तों का समूह एक साथ सफर कर सकता है। साथ ही यात्रियों को सामान रखने के लिए भी जगह मिलती है। एक ही मॉडल की गाड़ियों के इस्तेमाल से कंपनी यात्रियों को पहले से बता सकती है कि बुकिंग के बाद उन्हें किस तरह की कार मिलने वाली है।
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ड्राइवरों की ट्रेनिंग और सुरक्षा पर भी खास ध्यान
ग्रीन एसएम के मुताबिक, अच्छी कैब के साथ अच्छा ड्राइवर होना भी जरूरी है। कंपनी के ड्राइवरों को एक दिन की क्लासरूम ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें इलेक्ट्रिक गाड़ी चलाने, सड़क सुरक्षा, ग्राहक सेवा और काम से जुड़े जरूरी नियमों की जानकारी दी जाती है। इसके बाद ड्राइवरों को काम के दौरान निगरानी में ट्रेनिंग दी जाती है। भर्ती से पहले उनका इंटरव्यू और ड्राइविंग टेस्ट भी होता है। नौकरी शुरू करने के बाद सुपरवाइजर उनके काम पर नजर रखते हैं और समय-समय पर सुधार के लिए सुझाव देते हैं। इसके अलावा सर्विस की गुणवत्ता जांचने के लिए अचानक निरीक्षण भी किए जाते हैं। कंपनी की गाड़ियों में नियमों के अनुसार इन-व्हीकल एसओएस बटन भी दिया गया है। ग्रीन एसएम का कहना है कि वह आपातकालीन अलर्ट मिलने पर जल्द से जल्द मदद पहुंचाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।
आखिर कैसा होना चाहिए पांच सितारा कैब सफर?
पांच सितारा राइड का मतलब सिर्फ महंगी गाड़ी या अतिरिक्त सुविधाएं नहीं है। असली मायने में इसका मतलब है समय पर कैब मिलना, साफ गाड़ी, प्रशिक्षित ड्राइवर और सुरक्षित सफर। रात में घर लौट रहे यात्री को भरोसा मिले, परिवार के लोग एक साथ आराम से सफर कर सकें और ऑफिस जाने वाले व्यक्ति को कैब की सर्विस को लेकर चिंता न हो। हालांकि, ट्रैफिक जाम, खराब मौसम और सड़क पर होने वाली अचानक घटनाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। लेकिन बेहतर व्यवस्था और प्रशिक्षित ड्राइवरों की मदद से सफर को ज्यादा भरोसेमंद बनाया जा सकता है। एक अच्छी गाड़ी या एक अच्छा ड्राइवर ही पूरी कंपनी की सर्विस का स्तर तय नहीं करता। असली बात यह है कि हर यात्री को हर बार अच्छी सर्विस मिले। अब कैब इंडस्ट्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ ज्यादा बुकिंग हासिल करना नहीं, बल्कि हर दिन हजारों यात्रियों को भरोसेमंद अनुभव देना है। आखिर पांच सितारे सिर्फ मोबाइल स्क्रीन पर दिखने के लिए नहीं, बल्कि सफर के दौरान महसूस होने के लिए होने चाहिए।




















