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दिवाली से पहले 1 नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र का महासंयोग: सर्वार्थ सिद्धि योग में खरीदें वाहन और घर 

1 नवंबर को Ravi Pushya Nakshatra का शुभ संयोग बन रहा है। दिवाली 8 नवंबर को है, यानी सात दिन पहले। ज्योतिष के अनुसार यह दिन खरीदारी और नए काम के लिए शुभ है। इस दिन Sarvartha Siddhi Yoga भी पूरे दिन रहेगा। Gold buying muhurat समेत खरीदारी का शुभ मुहूर्त जानिए। वाहन डिलीवरी और घर की बुकिंग सूर्यास्त से पहले करना बेहतर है।
दिवाली से पहले 1 नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र का महासंयोग: सर्वार्थ सिद्धि योग में खरीदें वाहन और घर 

रविवार, 1 नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है। दीपावली 8 नवंबर को है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक यह दिन खरीदारी के लिए शुभ है। इस बार रविवार को पुष्य नक्षत्र (27 नक्षत्रों में से एक) आ रहा है। इसी से रवि पुष्य योग बन रहा है। साथ में सर्वार्थ सिद्ध योग (काम सिद्ध करने वाला शुभ योग) भी रहेगा।

दिवाली शापिंग मुहूर्त खोज रहे हैं, तो ये समय नोट कर लीजिए। सोचिए एक बार। क्या यह सिर्फ सोना-चांदी खरीदने का दिन है? नहीं। मकान, वाहन और कारोबार भी इसमें शामिल हैं।

दिवाली खरीदारी मुहूर्त कब है?

रवि पुष्य योग 1 नवंबर को सुबह 10:37 बजे शुरू होगा। यह 2 नवंबर को सुबह 9:04 बजे तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग 1 नवंबर को सुबह 6:33 बजे शुरू होगा। यह 2 नवंबर को सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। शास्त्रों में इसे नए काम और स्थायी निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

अभिजीत और गोधूलि का समय

अभिजीत मुहूर्त (दिन का खास शुभ समय) दोपहर 11:42 से 12:27 बजे तक रहेगा। इसे दिन का सबसे शक्तिशाली मुहूर्त माना गया है। गोधूलि मुहूर्त (शाम का शुभ समय) शाम 5:36 से 6:02 बजे तक रहेगा। गोधूलि का समय शाम के दीपदान और खरीदारी के लिए उत्तम बताया गया है।

वाहन की डिलीवरी शाम को लेनी हो, तो सूर्यास्त से पहले लें। घर या प्लॉट की बुकिंग भी सूर्यास्त से पहले करना बेहतर रहेगा। नए काम की शुरुआत पर भी यही सलाह है। घर की जरूरत की बाकी चीजें खरीदारी का शुभ मुहूर्त देखकर लीजिए। अब बात संपत्ति की खरीद की।

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रवि पुष्य योग में संपत्ति निवेश

ज्योतिष के मुताबिक पुष्य नक्षत्र में सोना-चांदी और वाहन खरीदना शुभ है। प्लॉट, घर और व्यापार की चीजों के लिए भी यही मान्यता है। Pushya Nakshatra 2026 में यह मौका दिवाली से ठीक पहले आया है। आखिर पुष्य नक्षत्र का संपत्ति से क्या रिश्ता है?

शनि और संपत्ति का क्या संबंध?

“पुष्य नक्षत्र का सीधा संबंध शनि देव से है। उन्हें स्थायित्व और अचल संपत्ति का कारक माना गया है। इसलिए इस दिन जमीन, मकान या फ्लैट में निवेश करना सबसे सुरक्षित और शुभ माना जाता है।”
– डॉ. अनीष व्यास

इस दिन नए मकान या फ्लैट की रजिस्ट्री (पंजीकरण) फलदायी मानी गई है। एग्रीमेंट साइन करना और प्लॉट का टोकन मनी (बयाना राशि) देना भी शुभ है। ज्योतिष के अनुसार शनि के प्रभाव से संपत्ति विवाद की आशंका घटती है। जीवन बीमा पॉलिसी और फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए यह समय सर्वोत्तम बताया गया है।

सोना खरीदने का मुहूर्त और वाहन

Gold buying muhurat में सोने-चांदी के आभूषण खरीदना शुभ माना गया है। लक्ष्मी-गणेश अंकित सिक्के और चांदी के पात्र भी इसमें शामिल हैं। ऐसा करना अक्षय (कभी न घटने वाली) समृद्धि देने वाला बताया गया है। धातु और नए उपकरणों की खरीदारी शुभ मानी गई है। इसे घर में मां लक्ष्मी के स्थायी वास का संकेत माना गया है। 

पारिवारिक या व्यावसायिक वाहन की डिलीवरी के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग उत्तम है। नए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदना भी शुभ रहेगा। पीतल और तांबे के नए बर्तन पूजा-रसोई के लिए शुभ माने गए हैं।

व्यापार और नए काम की शुरुआत

व्यापारियों और नए उद्यमियों के लिए यह दिन खास बताया गया है। इस नक्षत्र में शुरू उद्यम को लंबे समय तक लाभदायक माना जाता है।

बही-खाते और कलम कब खरीदें?

कारोबारी इस दिन नए बही-खाते (चोपड़ा) और कलम खरीदते हैं। ये नए वित्तीय सत्र और दीपावली पूजन के लिए होते हैं। नई दुकान या फर्म शुरू करनी हो, तो गणेश पूजन से शुरुआत करें। नए समझौते और अनुबंध पर हस्ताक्षर के लिए अभिजीत मुहूर्त फलदायी माना गया है। यह समय दोपहर 11:42 से 12:27 बजे तक है।

रवि पुष्य नक्षत्र पर पूजा-दान

सप्तमी तिथि पर सूर्य की विशेष पूजा की परंपरा है। सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, रोली और अक्षत डालें। फिर भगवान सूर्य को अर्घ्य (जल अर्पित करना) दें। अर्घ्य देते समय ऊँ सूर्याय नमः मंत्र का जप करें। इस दिन घर या दुकान में लक्ष्मी-गणेश का पूजन भी करना चाहिए। भोजन, वस्त्र और धन का दान भी किया जा सकता है।

रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग: प्रमुख शुभ मुहूर्त...

  • रवि पुष्य योग: 1 नवंबर को सुबह 10:37 बजे से प्रारंभ होकर 2 नवंबर को सुबह 9:04 बजे तक रहेगा।
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: 1 नवंबर को सुबह 6:33 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर को सुबह 4:30 बजे तक विद्यमान रहेगा।
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:42 बजे से लेकर दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा, जो दिन का सबसे शक्तिशाली मुहूर्त माना जाता है।
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:36 बजे से शाम 6:02 बजे तक रहेगा, जो संध्या कालीन दीपदान और खरीदारी के लिए उत्तम है।

बृहस्पति के लिए क्या दान करें?

पुष्य नक्षत्र के देवता देवगुरु बृहस्पति हैं। मान्यता है कि इस दिन गुरु कृपा के उपाय खास फल देते हैं। चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र या बेसन की मिठाई दान कर सकते हैं।

Jitendra Shrivastava
By Jitendra Shrivastava

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