शैडो AI से 43% डेटा ब्रीच, कंपनियों में बिना अप्रूवल AI टूल्स का बढ़ता खतरा, ProHance लाया AI अडॉप्शन इंडेक्स स्कोरकार्ड

बेंगलुरू। AI-बेस्ड प्रोडक्टिविटी ऑर्केस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म ProHance ने 'AI अडॉप्शन इंडेक्स' लॉन्च किया है। यह एक स्कोरकार्ड है जो कंपनियों को यह मेजर करने में हेल्प करता है कि AI का यूज कैसे हो रहा है। इससे यह भी पता चलता है कि क्या AI का यूज अप्रूव्ड टूल्स के जरिए हो रहा है, क्या इसे रियल वर्क में अप्लाई किया जा रहा है और क्या इससे एक्चुअल बेनिफिट मिल (Return on Investment (ROI)) रहा है।यह लॉन्च ऐसे टाइम पर हुआ है जब बिना मॉनिटरिंग वाले AI यूज पर सिक्योरिटी और रिस्क टीमों की नजरें और स्ट्रिक्ट हो गई हैं। डेटा ब्रीच से जुड़ी 2026 की एक इंडस्ट्री स्टडी में पाया गया कि 'शैडो AI' यानी ऐसे AI टूल्स, ब्राउजर एक्सटेंशन और एजेंट जिनका यूज एम्प्लॉई बिना IT डिपार्टमेंट की अप्रूवल के करते हैं, से जुड़े केस टोटल डेटा ब्रीच का 43% थे, जो 2025 में 20% थे। जिन कंपनियों ने AI से जुड़े सिक्योरिटी इंसिडेंट्स की रिपोर्ट दी, उनमें से 92% के पास AI एक्सेस को कंट्रोल करने के लिए सफिशिएंट अरेंजमेंट नहीं थे।AI के अनऑथराइज्ड यूज पर नजर नहीं होतीकंपनियां जनरली यह तो देख सकती हैं कि AI का यूज कौन कर रहा है और कितना कर रहा है। लेकिन लीडरशिप के पास अक्सर इन सवालों के आंसर नहीं होते कि क्या यह यूज ऑथराइज्ड है, क्या इसका इम्पैक्ट रियल वर्क पर पड़ रहा है और इससे क्या रिजल्ट मिल रहे हैं। 'AI अडॉप्शन इंडेक्स' लीडर्स को एविडेंस-बेस्ड एक क्लियर व्यू देता है, जिससे वे समझ सकते हैं कि क्या उनकी 'AI-फर्स्ट' टीम्स एक्चुअल में अच्छे रिजल्ट दे रही हैं।
AI अडॉप्शन इंडेक्स' की हेल्प से किसी भी कंपनी के लीडर्स ये काम कर सकते हैं
- मैप करना: यह देखना कि डिफरेंट टीमों में AI का यूज कैसे हो रहा है। हर टीम को 'AI-अवेयर' से लेकर 'AI-फर्स्ट' तक के मैच्योरिटी मॉडल में रखना।
- मेजर करना (मापना): यह आइडेंटिफाई करना कि कौन सी टीम्स AI अडॉप्शन में पीछे हैं और मोर इम्पोर्टेंट टास्क के लिए कितनी कैपेसिटी फ्री हो रही है।
- रिस्क कम करना: 'शैडो AI' का पता लगाना, हर टूल को एक रिव्यू प्रोसेस से गुजारना और उसका एक परमानेंट ऑडिट ट्रेल मेंटेन करना। यूसेज एनालिटिक्स सिर्फ एक्टिविटी तक लिमिटेड रहते हैं।
तीनों एस्पेक्ट को एक ही जगह पर लाता है इंडेक्स
गवर्नेंस और सिक्योरिटी टूल अप्रूवल और खर्च को तो कंट्रोल कर सकते हैं, लेकिन यह नहीं बता सकते कि AI के आने से वर्किंग स्टाइल में क्या चेंज आया है। वहीं आउटपुट ट्रैक करने के लिए अलग टूल होते हैं। 'AI अडॉप्शन इंडेक्स' इन तीनों एस्पेक्ट को एक ही जगह पर लाता है, जो सभी AI टूल्स और टीमों को कवर करता है।
AI और ह्यूमन के कोलैबोरेशन से क्या इम्पैक्ट पड़ रहा
प्रोहेंस के CEO अंकुर ढींगरा ने कहा, प्रोहेंस का गोल वर्कफोर्स पर AI के इम्पैक्ट को समझने की एक अहम प्रॉब्लम को सॉल्व करना है। यह लीडर्स को यह जानने में हेल्प करता है कि AI और ह्यूमन्स के मिलकर काम करने से क्या रियल इम्पैक्ट पड़ रहा है। इससे वे अपनी वर्कफोर्स को नई स्किल्स सिखा सकते हैं और उन्हें नए सिरे से तैयार कर सकेंगे।उन्होंने आगे कहा, AI अडॉप्शन इंडेक्स लीडर्स को दिखाता है कि कौन क्या यूज कर रहा है, कितनी डेप्थ से कर रहा है, इसमें कितनी कॉस्ट आ रही है और कहां बिना अप्रूवल के AI का यूज हो रहा है। यह सब डायरेक्ट वर्क डेटा से मेजर किया जाता है, जिससे लीडर्स सही डिसीजन ले सकते हैं।
पहले भी लॉन्च किया था प्रोडक्ट
इससे पहले प्रोहेंस ने आउटसोर्सिंग परफॉरमेंस मैनेजमेंट के लिए अपना 'आउटकम मेजरमेंट लेयर' लॉन्च किया था। वह कंपनियों को इस बात का सॉलिड प्रूफ देता है कि उनकी आउटसोर्स्ड या कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली टीम्स क्या रिजल्ट दे रही हैं। इन दोनों लॉन्च के जरिए प्रोहेंस का मेन ऑब्जेक्टिव कंपनियों को उनके वर्क में पूरी विजिबिलिटी देना है, ताकि AI के लिए रेडी ऑर्गनाइजेशन अपने एम्प्लॉइज और AI दोनों के जरिए बेटर रिजल्ट हासिल कर सकें।




















