पहले फर्जी सब इंस्पेक्टर अब IAS बनकर घूम रहा था! 25 से ज्यादा महिलाओं को लगाया लाखों का चूना

इंदौर। खुद को कभी पुलिस का सब इंस्पेक्टर बताकर तो कभी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों को प्रभावित करने वाला हिमांशु पांचाल पुलिस की पूछताछ में एक के बाद एक नए राज खोल रहा है। फर्जी आईएएस बनकर इंदौर में रह रहे हिमांशु के पुराने कारनामे सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान है। पुलिस के मुताबिक वह पहले फर्जी पुलिस प्रोफाइल बनाकर 25 से ज्यादा महिलाओं को लाखों रुपए का चूना लगा चुका है।
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हिमांशु ने महिलाओं को फंसाने के लिए वैवाहिक वेबसाइट और डेटिंग ऐप को जरिया बनाया। वह खुद को पुलिस सब इंस्पेक्टर बताकर प्रोफाइल बनाता था। AI की मदद से पुलिस की वर्दी में अपनी तस्वीरें तैयार कर प्रोफाइल पर लगाता और पुलिस विभाग से जुड़ी तस्वीरें व दस्तावेज दिखाकर सामने वाले पर भरोसा कायम करता था।
पहले वर्दी दिखाकर भरोसा जीता, फिर शुरू किया पैसों का खेल
पुलिस के अनुसार ऐप के जरिए महिलाओं से दोस्ती बढ़ाने के बाद हिमांशु धीरे-धीरे अपनी कथित परेशानी बताने लगता था। कभी विभागीय कार्रवाई का हवाला देता तो कभी आर्थिक समस्या या किसी जरूरी काम की बात कर रुपयों की मांग करता था। भरोसे में आई कई महिलाओं ने उसे पैसे दिए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने किन-किन महिलाओं से कितनी रकम ली और यह सिलसिला कितने समय से चल रहा था।
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‘राकी पांचाल’ के नाम से बना रखी थी फर्जी पहचान
पुलिस के मुताबिक इसी साल मई में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में पकड़े जाने से पहले हिमांशु खुद को PSI बताता था। उसने ‘राकी पांचाल’ नाम से अलग-अलग मैट्रिमोनियल वेबसाइट और डेटिंग ऐप पर प्रोफाइल बना रखे थे। इन प्रोफाइल में AI से तैयार की गई पुलिस वर्दी वाली तस्वीरों के अलावा पुलिस पहचान पत्र और कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें भी साझा की गई थीं। इस तरह वह खुद को असली पुलिस अधिकारी साबित करने की कोशिश करता था।
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PSI से सीधे IAS बना, इंदौर में ‘राज सोनी’ के नाम से रहने लगा
पुलिस के मुताबिक हिमांशु की फर्जी पहचान यहीं नहीं रुकी। PSI की पहचान से ठगी करने के बाद वह अब IAS अधिकारी ‘राज सोनी’ बनकर इंदौर पहुंच गया। वह ओमेक्स सिटी की शुभा आंगन कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। मकान के बाहर बाकायदा ‘IAS राज सोनी’ की नेमप्लेट भी लगा रखी थी। एसीपी पराग सैनी के अनुसार आरोपी को अहमदाबाद के केशवनगर क्षेत्र का निवासी बताया गया है। पुलिस अब उसके पुराने मामलों और देशभर में बनाए गए संपर्कों की जांच कर रही है।
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मोबाइल और बैंक खातों से खुलेगा ठगी का पूरा हिसाब
पुलिस अब हिमांशु के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक लेन-देन और वैवाहिक-डेटिंग ऐप्स के संपर्कों की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने अब तक कितने लोगों से संपर्क किया और कितनी रकम ऐंठी। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ और डिजिटल जांच आगे बढ़ने पर ठगी के मामलों की संख्या 25 से भी ज्यादा हो सकती है।
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वाहन चालकों को भी सरकारी नौकरी का झांसा
पुलिस के मुताबिक हिमांशु ने सिर्फ महिलाओं को ही निशाना नहीं बनाया। उसने कुछ वाहन चालकों को भी स्थायी सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। उन्हें प्रभावित करने के लिए वह सितारा होटल में खाना खिलाने तक ले गया। इसी दौरान उनसे नौकरी के नाम पर रकम लेने का प्रयास किया जा रहा था। होटल प्रबंधन को संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई और हिमांशु को पकड़ लिया गया।
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अब पुलिस खंगाल रही फर्जी अफसर की पूरी ‘फाइल’
लसूड़िया पुलिस अब हिमांशु की फर्जी पहचान, पुराने ठगी के मामलों और देशभर में उसके संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि PSI और IAS की फर्जी पहचान के पीछे उसका असली मकसद क्या था और उसने इस तरीके से कितने लोगों को अपना शिकार बनाया।




















