सीहोर में बनेगा देश का पावर हब! 1200 केवी ट्रांसफॉर्मर, 2000 लोगों को मिलेगा रोजगार, CM डॉ मोहन यादव आज करेंगे शुभारम्भ

सीहोर। कभी शुगर मिल और सॉल्वेंट उद्योगों की चहल-पहल से अपनी औद्योगिक पहचान बनाने वाला सीहोर अब एक बार फिर बड़े सपनों की ओर कदम बढ़ा रहा है। 4 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर में स्थापित सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर विनिर्माण इकाई से पहले ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ करेंगे। करीब 50 एकड़ में फैली यह अत्याधुनिक इकाई सीहोर के औद्योगिक भविष्य के लिए बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है।
भूमि-पूजन से उत्पादन तक तेज रफ्तार
इस परियोजना की खास बात इसकी निर्माण गति भी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अगस्त 2025 में संयंत्र का भूमि-पूजन किया था। इसके करीब 13 से 14 महीने बाद अब यहां उत्पादन शुरू होने की स्थिति में पहुंच गया है। पहला ट्रांसफॉर्मर बाहर निकलना केवल एक औद्योगिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सीहोर की उस उम्मीद का प्रतीक है, जो लंबे समय से नए बड़े उद्योगों की तलाश में थी।
1200 केवी तक के ट्रांसफॉर्मर होंगे तैयार
सीहोर में स्थापित इस इकाई में 220 केवी से लेकर 1200 केवी तक के उच्च क्षमता वाले पॉवर ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे। देश में बिजली की मांग बढ़ने के साथ ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे समय में उच्च वोल्टेज उपकरणों का स्थानीय निर्माण विद्युत क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हर महीने 35 ट्रांसफॉर्मर बनाने की क्षमता
प्लांट की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता करीब 35 पॉवर ट्रांसफॉर्मर प्रतिमाह बताई गई है। एक ही स्थान पर इतनी बड़ी क्षमता वाली विनिर्माण सुविधा स्थापित होने से सीहोर की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिल सकती है। यह परियोजना केवल एक कारखाना नहीं, बल्कि हाई-वोल्टेज विद्युत उपकरणों के क्षेत्र में जिले की नई पहचान का आधार बन सकती है।
बिजली से डेटा सेंटर और रेलवे तक उपयोग
सीहोर में बनने वाले ट्रांसफॉर्मर का इस्तेमाल केवल पारंपरिक बिजली परियोजनाओं में नहीं होगा। इनके उपयोग का दायरा डेटा सेंटर, रेलवे, नवकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर तक फैला होगा। यानी सीहोर की फैक्ट्री में तैयार होने वाला उपकरण देश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को ऊर्जा की ताकत देने में भागीदार बनेगा।
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सीहोर से दुनिया तक पहुंचेगा उत्पाद
इस इकाई की एक और बड़ी संभावना निर्यात बाजार से जुड़ी है। यहां निर्मित उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचने के साथ वैश्विक बाजारों तक भी भेजे जा सकेंगे। इससे सीहोर का नाम केवल मध्यप्रदेश के औद्योगिक नक्शे पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विद्युत उपकरण आपूर्ति श्रृंखला में भी उभर सकता है।
2000 से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार की उम्मीद
किसी भी बड़े उद्योग की सबसे बड़ी ताकत उसके आसपास पैदा होने वाले रोजगार होते हैं। सीजी की इस इकाई से 2000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इंजीनियरिंग, तकनीकी कार्य, मशीन संचालन, परिवहन, रखरखाव, लॉजिस्टिक्स और विभिन्न सहायक सेवाओं में स्थानीय युवाओं के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं।
बंद उद्योगों की यादों के बीच नई उम्मीद
सीहोर ने औद्योगिक गतिविधियों के उतार-चढ़ाव को करीब से देखा है। कभी बड़े उद्योगों की वजह से स्थानीय कारोबार को गति मिलती थी, लेकिन कई प्रमुख इकाइयों के बंद होने के बाद औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी पड़ी। ऐसे में नई बड़ी विनिर्माण इकाई का स्थापित होना स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और कारोबार की उम्मीद फिर से जगाता है।
बढ़ियाखेड़ी से बदल सकती है औद्योगिक तस्वीर
बढ़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में इस बड़े प्रोजेक्ट की स्थापना सीहोर के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बड़े उद्योग के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, खान-पान, सुरक्षा, मशीनरी रखरखाव, छोटे ठेके और अन्य सेवाओं से जुड़े स्थानीय कारोबारों को भी काम मिलने की संभावना है। यानी इसका असर प्लांट की चारदीवारी से बाहर तक दिखाई दे सकता है।




















