तुम्हारा भाई जेल में है, इसलिए राखी पर घर नहीं गई... सुनकर भड़की जेठानी, चाकू से देवरानी की गर्दन पर वार; हौज में फेंकी लाश

इंदौर। राऊ के नेहरू नगर में नवविवाहिता की हत्या के मामले ने सनसनी फैला दी। जेठानी ने चाकू से देवरानी की गर्दन पर दो वार कर उसकी जान ले ली। इसके बाद शव को खींचकर घर के बाहर पानी से भरी हौज में डाल दिया और ऐसे निकल गई, जैसे कुछ हुआ ही न हो। हत्या के बाद वह अस्पताल में भर्ती अपने पति को देखने भी चली गई। पुलिस ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पार्वती बाई कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया। मृतका वंदना कुशवाह का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया।
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एक कमेंट से शुरू हुआ विवाद, फिर बढ़ती गई तल्खी
पुलिस के अनुसार पार्वती का भाई दुष्कर्म के मामले में दमोह जेल में बंद है। रक्षाबंधन के दिन वंदना ने पार्वती के भाई को लेकर कथित तौर पर कमेंट कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। गुरुवार को दोनों के बीच फिर बहस हो गई। इसी दौरान वंदना ने कथित तौर पर कहा कि “मेरा पति मेरे वश में है। मैं तुम्हें, तुम्हारे पति और बच्चों को घर से निकलवा दूंगी।वंदना की यह बात पार्वती को नागवार गुजरी और विवाद अचानक हिंसक हो गया। पुलिस के मुताबिक गुस्से में पार्वती ने किचन से चाकू उठाया और वंदना की गर्दन पर वार कर दिए।
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हत्या के बाद शव हौज में डाला और चली गई
वारदात के समय पार्वती के बच्चे स्कूल गए हुए थे। उसका पति और देवर अरबिंदो अस्पताल में थे। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद पार्वती ने शव को घर के बाहर बनी पानी से भरी हौज में डाल दिया। इसके बाद वह अपने अस्पताल में भर्ती पति को देखने चली गई। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो घर और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में पार्वती के घर से निकलने की गतिविधियां सामने आईं, जिसके बाद पुलिस का शक उस पर गहराया।
11 अगस्त को मंदिर में की थी लव मैरिज
मृतका वंदना और उपेंद्र के परिवार राऊ के नेहरू नगर में आसपास रहते थे। दोनों के बीच दोस्ती के बाद प्रेम संबंध बने। परिवार वंदना की नशे की आदत को लेकर उपेंद्र के रिश्ते से खुश नहीं था। इसके चलते उपेंद्र ने नेहरू नगर छोड़कर राजनगर में किराए का मकान ले लिया था। इसके बाद 11 अगस्त को वंदना घरवालों को बिना बताए घर से निकली और मंदिर में उपेंद्र से शादी कर ली। वंदना के अचानक गायब होने पर परिजनों ने चंदन नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस के सामने वंदना ने उपेंद्र के साथ रहने की बात कही और दोनों उपेंद्र के घर में रहने लगे थे।
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दोनों भाई फुटपाथ पर लगाते हैं दुकान
पुलिस के अनुसार पार्वती का पति भूपेंद्र फुटपाथ पर कपड़ों की दुकान लगाता है, जबकि उपेंद्र जूते बेचता है। वंदना के पिता धर्मेंद्र ड्राइवर हैं। पिता के मुताबिक 12 अगस्त को थाने में बयान देने के बाद उनकी बेटी से दोबारा बातचीत नहीं हुई थी।
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CCTV और पूछताछ से खुला हत्या का राज
डीसीपी नरेंद्र रावत के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में पार्वती के घर से निकलने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। पुलिस के अनुसार मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ के दौरान उससे कहा गया कि चाकू पर उसके फिंगरप्रिंट मिले हैं और अब बचने की कोई गुंजाइश नहीं है। इसके बाद वह टूट गई और पुलिस के सामने हत्या की बात स्वीकार कर ली।




















