‘दृश्यम 3’ का ट्रेलर रिलीज, फिर लौटे विजय सालगांवकर; इस बार दिमाग नहीं, किस्मत का खेल!

अजय देवगन स्टारर ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ यानी ‘दृश्यम 3’ का ऑफिशियल ट्रेलर बुधवार को रिलीज हो गया। करीब 2 मिनट 52 सेकंड के ट्रेलर में एक बार फिर विजय सालगांवकर अपने परिवार के सबसे बड़े राज को कानून से बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। फिल्म को ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी का आखिरी चैप्टर बताया जा रहा है। इस बार विजय के सामने पहले से ज्यादा मजबूत पुलिस जांच और नई चुनौतियां हैं।
विजय और पुलिस के बीच होगा बड़ा खेल
ट्रेलर से साफ है कि कहानी अब सिर्फ दिमागी खेल तक सीमित नहीं रहने वाली। विजय और पुलिस के बीच मुकाबला अब अस्तित्व की लड़ाई बनता नजर आ रहा है। ट्रेलर में विजय कहता है कि पुलिस के पास उसके खिलाफ मजबूत सबूत हैं। वहीं जयदीप अहलावत क्राइम ब्रांच के SP के किरदार में नजर आ रहे हैं। उनका किरदार विजय को हल्के में नहीं लेता, बल्कि उसकी समझ और चालाकी को पहचानता है। एक डायलॉग में कहा जाता है- अनपढ़ है, बेवकूफ नहीं। वहीं विजय को 'गोवा का सबसे बड़ा हार्ड-वर्किंग क्रिमिनल' भी कहा जाता है।
‘अब खेल दिमाग का नहीं, नसीब का है’
ट्रेलर में कहानी के एक अहम बदलाव की झलक मिलती है। अब विजय की रणनीति के साथ-साथ किस्मत भी बड़ा रोल निभाती नजर आ रही है। ट्रेलर का डायलॉग 'अब ये खेल दिमाग का नहीं नसीब का बन चुका है' कहानी में आने वाले बड़े ट्विस्ट की ओर इशारा करता है। विजय के लिए उसका परिवार अब भी सबसे बड़ी ताकत और कमजोरी है। वह कहता है- फैमिली के लिए आदमी खुद को हर कदम पर तोड़ता है।
प्रकाश राज की भी हुई एंट्री
‘दृश्यम 3’ में प्रकाश राज की भी एंट्री हुई है। उनके किरदार के आने से विजय के खिलाफ जांच और मजबूत होती नजर आ रही है। वहीं ट्रेलर के आखिर में विजय को लेकर एक बेहद दिलचस्प लाइन सुनाई देती है- तुम सोच भी नहीं सकते कि वो साधारण आदमी क्या से क्या बन सकता है।
अजय देवगन चाहते हैं मोहनलाल देखें फिल्म
गोवा में ‘दृश्यम 3’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान अजय देवगन ने फिल्म को लेकर कई बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि ‘दृश्यम 2’ के बाद उन्हें भी नहीं पता था कि फिल्म का तीसरा पार्ट बनेगा या नहीं। अजय के मुताबिक, तीसरे पार्ट की कहानी तैयार करना आसान नहीं था। कहानी को वहीं से आगे बढ़ाना था, जहां पिछली फिल्म खत्म हुई थी और इसके साथ नए ट्विस्ट और टर्न भी जोड़ने थे। उन्होंने बताया कि निर्देशक अभिषेक पाठक एक आइडिया लेकर आए, जिसे सभी ने पसंद किया। इसके बाद अभिषेक ने करीब ढाई साल तक राइटर्स के साथ इस कहानी पर काम किया। अजय ने स्क्रिप्ट को शानदार बताया। अजय ने यह भी कहा कि ‘दृश्यम 3’ मलयालम फिल्म की कहानी से पूरी तरह अलग है। वह चाहते हैं कि मोहनलाल और ओरिजिनल टीम यह फिल्म जरूर देखें। अगर उन्हें फिल्म पसंद आती है तो यह उनके लिए बड़ी खुशी होगी।
जयदीप अहलावत ने अक्षय खन्ना से तुलना पर क्या कहा?
फिल्म में जयदीप अहलावत की एंट्री को लेकर उनकी तुलना पिछली फिल्म के कलाकार अक्षय खन्ना से की जा रही है। हालांकि जयदीप ने कहा कि उन्होंने इस किरदार को कभी अक्षय खन्ना की जगह के तौर पर नहीं देखा। उनके मुताबिक पिछली फिल्म में एक किरदार की कहानी खत्म हुई और इस फिल्म में एक नया किरदार पेश किया गया है। दोनों की पहचान और कहानी अलग है, इसलिए उन्होंने तुलना के दबाव के बारे में नहीं सोचा। जयदीप ने बताया कि निर्देशक अभिषेक पाठक ने उनके किरदार को काफी बारीकी से तैयार किया था। किरदार की ड्रेस, हेयरस्टाइल और गॉगल्स तक पहले से तय थे। इससे उन्हें भूमिका को समझने में काफी मदद मिली।




















