रेलवे के 7 हाई डेंसिटी रूट होंगे फोरलेन, कैबिनेट ने लगाई मुहर; बिहार-झारखंड वालों की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में रेलवे के 7 सबसे व्यस्त यानी हाई डेंसिटी रूट्स को फोरलेन ट्रैक करने की मंजूरी दी गई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए इसका ऐलान किया। इन परियोजनाओं पर कुल 10,783 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत रेलवे नेटवर्क में करीब 656 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी। इन परियोजनाओं का फायदा पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को मिलेगा। करीब 4,790 गांवों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और इन गांवों में रहने वाले करीब 56 लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
7 हाई डेंसिटी रूट्स होंगे फोरलेन
केंद्रीय कैबिनेट ने देश के 7 हाई डेंसिटी नेटवर्क को फोरलेन करने की मंजूरी दी है। इनमें मुंबई-हावड़ा हाई डेंसिटी नेटवर्क रूट भी शामिल है। सरकार की इन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं के तहत करीब 656 किलोमीटर नई रेल लाइनें जोड़ी या अपग्रेड की जाएंगी। इससे रेलवे के मौजूदा नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए इन परियोजनाओं की मंजूरी का ऐलान किया। हालांकि, इससे करीब दो हफ्ते पहले 26 अगस्त को वह इन रूट्स को फोरलेन किए जाने की जानकारी दे चुके थे।
खड़गपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में 4th लाइन
सरकार ने खड़गपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में बागडेही तक 4th लाइन को मंजूरी दी है। इसके अलावा कटनी-पेंड्रा रोड 4th लाइन और बिलासपुर यानी उसलापुर-पेंड्रा रोड 3rd लाइन को भी मंजूरी दी गई है। इन लाइनों की मल्टीट्रैकिंग से मौजूदा रेल रूट पर ट्रेनों के लिए अतिरिक्त क्षमता तैयार होगी।
10,783 करोड़ रुपए होंगे खर्च
रेलवे की इन परियोजनाओं पर कुल 10,783 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके तहत करीब 656 किलोमीटर रेल नेटवर्क जोड़ा या अपग्रेड किया जाएगा। नई रेल लाइनों के जुड़ने से मौजूदा रूट पर ट्रेनों का कंजेशन कम करने में मदद मिलेगी। ट्रेनों का संचालन ज्यादा सुचारू होगा। यात्री और मालगाड़ियों को अलग-अलग समय और रूट पर चलाने की सुविधा बढ़ेगी। इससे माल ढुलाई की क्षमता भी मजबूत होगी।
14 जिलों और 4,790 गांवों को फायदा
इन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का फायदा पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को मिलेगा। करीब 4,790 गांव इन परियोजनाओं से बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे। इन गांवों में करीब 56 लाख लोगों की आबादी रहती है। नई रेल लाइनों के जुड़ने से इन क्षेत्रों में यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों की आवाजाही भी आसान होगी।
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पर्यटन और धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी
इन परियोजनाओं से कई प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की रेल कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इनमें पुरी का जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, अमरकंटक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, तारातारिणी मंदिर और रतनपुर महामाया मंदिर जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों में पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।




















