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Google AI in Schools : स्कूलों में AI के इस्तेमाल पर Google की बढ़ी मुश्किलें, सुंदर पिचाई से अमेरिकी सीनेटरों ने मांगा जवाब

अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंथल और जोश हॉली ने Google के CEO सुंदर पिचाई को पत्र लिखकर स्कूलों में AI टूल्स के इस्तेमाल से बच्चों की मानसिक सेहत, शैक्षणिक प्रदर्शन और स्वतंत्र सोच पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर 9 सवाल पूछे हैं।
Google AI in Schools : स्कूलों में AI के इस्तेमाल पर Google की बढ़ी मुश्किलें, सुंदर पिचाई से अमेरिकी सीनेटरों ने मांगा जवाब
सुंदर पिचाई।

न्यूयॉक। अमेरिकी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर Google की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अमेरिका के दो सीनेटरों रिचर्ड ब्लुमेंथल और जोश हॉली ने कंपनी के CEO सुंदर पिचाई को पत्र लिखकर स्कूली बच्चों पर Google के AI प्रोडक्ट्स के प्रभाव को लेकर जवाब मांगा है। सीनेटरों ने कंपनी से इस संबंध में 9 अहम सवाल पूछे हैं और जवाब देने के लिए 2 नवंबर की समय-सीमा तय की है।सीनेटरों की यह पहल स्कूलों में Google के AI टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल और बच्चों के मानसिक एवं शैक्षणिक विकास पर उनके संभावित प्रभावों की जांच के बाद सामने आई है। पत्र में पिचाई से पूछा गया है कि कंपनी के पास बच्चों की मानसिक सेहत, पढ़ाई और सीखने की क्षमता पर अपने AI प्रोडक्ट्स के असर को लेकर किस तरह की जानकारी और शोध उपलब्ध हैं।

स्कूलों में AI के इस्तेमाल पर सीनेटरों ने जताई चिंता

पिचाई को लिखे पत्र में दोनों सीनेटरों ने कहा कि Google अमेरिका के स्कूलों में अपने AI प्रोडक्ट्स को तेजी से बढ़ावा दे रहा है। उनके मुताबिक, इस रणनीति का असर बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों और समग्र कल्याण पर पड़ सकता है। सीनेटरों ने अपने पत्र में चिंता जाहिर करते हुए कहा कि स्कूलों में AI उत्पादों को आक्रामक तरीके से पेश करना बच्चों की एक पूरी पीढ़ी के भविष्य के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने Google से यह भी जानकारी मांगी है कि कंपनी ने अपने AI टूल्स के कारण बच्चों के भावनात्मक और शैक्षणिक विकास पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभावों का आकलन करने के लिए कौन-से अध्ययन किए हैं।

AI के कारण छात्रों की सोचने और सीखने की क्षमता पर सवाल

सीनेटरों ने दावा किया कि कक्षाओं में AI टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से कुछ छात्रों पर प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिले हैं। इस दावे के समर्थन में उन्होंने The Wall Street Journal की एक रिपोर्ट का हवाला दिया। इस रिपोर्ट में 60 से अधिक शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और विशेषज्ञों से बातचीत की गई थी। सीनेटरों के अनुसार रिपोर्ट में इस बात को लेकर चिंता सामने आई कि कक्षाओं में AI के इस्तेमाल के बाद राष्ट्रीय स्तर पर टेस्ट स्कोर में गिरावट दर्ज की गई है।

 सुंदर पिचाई से पूछे गए 9 सवाल

1. बच्चों की मानसिक सेहत पर AI के प्रभाव को लेकर Google का शोध क्या कहता है

सीनेटरों ने पूछा है कि Google के अपने कुछ शोधकर्ताओं ने बच्चों द्वारा AI के इस्तेमाल को लेकर कंपनी को चेतावनी दी थी। ऐसे में Gemini, AI Overviews, AI Mode और कंपनी के अन्य AI उत्पादों से बच्चों की मानसिक सेहत पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभावों को समझने के लिए Google ने कौन-कौन से शोध किए हैं? उन्होंने इन अध्ययनों की पूरी जानकारी और रिपोर्ट भी मांगी है।

2. Google ने AI फीचर्स को डिफॉल्ट रूप से क्यों लागू किया

सीनेटरों ने सवाल उठाया है कि Google ने अपने AI उत्पादों और सुविधाओं को डिफॉल्ट सेटिंग के रूप में क्यों शामिल किया है। इसके अलावा, शिक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले लाइसेंस प्राप्त डिवाइसों में कुछ AI फीचर्स को बंद करने का विकल्प उपलब्ध न होने या उन्हें डिसेबल करना मुश्किल बनाए जाने की वजह भी पूछी गई है।

3. AI पर छात्रों की निर्भरता को लेकर Google को कितनी शिकायतें मिलीं

सीनेटरों ने जानना चाहा है कि क्या स्कूल डिस्ट्रिक्ट, शिक्षकों या अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई और भावनात्मक जरूरतों के लिए AI पर बढ़ती निर्भरता को लेकर Google से शिकायत या चिंता जाहिर की है। यदि ऐसी शिकायतें मिली हैं, तो कंपनी ने उन पर क्या प्रतिक्रिया दी और क्या इस संबंध में कोई रिकॉर्ड उपलब्ध है?

4. AI के नकारात्मक प्रभावों की शिकायत करने वाले स्कूलों की Google ने कैसे मदद की

जिन स्कूल जिलों ने Google के AI उत्पादों के कारण छात्रों पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक असर की शिकायत की है, उन्हें कंपनी की ओर से किस तरह की सहायता दी गई? सीनेटरों ने इस संबंध में उठाए गए कदमों और उपलब्ध कराई गई मदद का विवरण मांगा है।

5. स्कूलों में AI को बढ़ावा देने के लिए Google ने कितने प्रचार कार्यक्रम चलाए

सीनेटरों ने Google से उन सभी मार्केटिंग अभियानों, प्रचार योजनाओं और विशेष ऑफर्स की जानकारी मांगी है, जिनका उद्देश्य स्कूलों में AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ाना है। साथ ही, उन्होंने इन कार्यक्रमों पर कंपनी की ओर से खर्च की गई कुल राशि का ब्योरा भी मांगा है।

6. Google के AI टूल्स इस्तेमाल करने वाले स्कूलों को क्या सुरक्षा संसाधन मिले

सीनेटरों ने पूछा है कि Google ने AI टूल्स का इस्तेमाल करने वाले स्कूल डिस्ट्रिक्ट, प्रशासकों और शिक्षकों को कौन-कौन से संसाधन और दिशानिर्देश उपलब्ध कराए हैं। खास तौर पर ऐसे प्रशिक्षण, गाइडलाइन और सुरक्षा उपायों की जानकारी मांगी गई है, जो AI के जिम्मेदार इस्तेमाल और छात्रों की मानसिक एवं भावनात्मक भलाई सुनिश्चित करने से जुड़े हैं।

7. क्या Google के AI टूल्स से बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाली कोई घटना सामने आई है

इस सवाल में सीनेटरों ने कंपनी से पूछा है कि क्या उसे ऐसे किसी मामले की जानकारी है, जिसमें उसके क्लासरूम AI टूल्स ने किसी नाबालिग को हानिकारक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया हो या उसे AI के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने और उस पर निर्भर होने के लिए बढ़ावा दिया हो।

8. AI असिस्टेंट्स पर शोध के बाद Google ने बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या किया

सीनेटरों ने Google के शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित The Ethics of Advanced AI Assistants नामक रिसर्च पेपर का उल्लेख किया है। उन्होंने पूछा है कि इस अध्ययन में सामने आए निष्कर्षों के बाद कंपनी ने बच्चों पर AI के संभावित हानिकारक प्रभावों को रोकने या कम करने के लिए कौन-से ठोस कदम उठाए हैं।

9. बच्चों को AI चैटबॉट्स के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए

सीनेटरों ने Google के उस दावे पर भी जवाब मांगा है, जिसमें कंपनी ने युवाओं की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है। उन्होंने पूछा है कि Google ने अपने AI चैटबॉट्स को बच्चों के साथ चापलूसी भरी, जरूरत से ज्यादा भावनात्मक या ऐसी बातचीत करने से रोकने के लिए क्या सुरक्षा उपाय लागू किए हैं, जिनसे बच्चों में AI के प्रति भावनात्मक निर्भरता या गलत धारणाएं विकसित हो सकती हैं।

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

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