National Weather Update: बंगाल की खाड़ी में उठेगा तूफान, 2 नवंबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका; MP समेत 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहे नए चक्रवाती तूफान ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने के संकेत दिए हैं। 2 नवंबर की शाम के आसपास यह तूफान आंध्र प्रदेश के तट तक पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। वहीं, दिल्ली में मौसम साफ रहने और तापमान में हल्की गिरावट का अनुमान है।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का खतरा
बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती सिस्टम देश के कई राज्यों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 नवंबर की शाम के आसपास इसके आंध्र प्रदेश तट तक पहुंचने की संभावना है। इस मौसमी सिस्टम के कारण दक्षिण भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। खासतौर पर समुद्र तटीय इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की आशंका है।
इन राज्यों में जारी हुआ येलो अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने रविवार को अरुणाचल प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और केरल समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में दक्षिण, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
चक्रवाती सिस्टम का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, यहां कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
ओडिशा में आंधी-तूफान के साथ चलेंगी हवाएं
ओडिशा में चक्रवाती सिस्टम का असर काफी व्यापक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अचानक तेज हवा और बारिश के कारण पेड़ों की टहनियां टूटने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और यातायात में परेशानी आने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से ग्रामीण और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी चक्रवाती सिस्टम का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अचानक मौसम बदलने से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी 2 और 3 नवंबर को कई स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। मौसम में इस बदलाव का असर किसानों, आम लोगों और सड़क पर सफर करने वालों पर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
केरल में फिर सक्रिय होगा बारिश का दौर
केरल में भी चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। ऐसे में लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में केरल के मौसम पर चक्रवाती सिस्टम का असर बना रह सकता है।
अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य के कुछ हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन, सड़कें बंद होने और आवागमन प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। खासकर पहाड़ी रास्तों से यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही सफर करना चाहिए।
तेलंगाना में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा
तेलंगाना में भी चक्रवाती सिस्टम के असर से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अचानक मौसम बदलने से लोगों को दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों में खड़े होने से बचना चाहिए।
कर्नाटक में तटीय और आंतरिक इलाकों में बदलेगा मौसम
कर्नाटक के तटीय और आंतरिक हिस्सों में भी चक्रवाती सिस्टम का प्रभाव दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय कर्नाटक में 1 से 3 नवंबर के बीच गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
वहीं, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे और तेलंगाना में भी मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। इन राज्यों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश और आंधी-तूफान देखने को मिल सकता है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, खेतों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना बेहद जरूरी है।
1 से 3 नवंबर तक इन राज्यों में होगी झमाझम बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 1 से 3 नवंबर के बीच देश के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 1 और 2 नवंबर को केरल, आंध्र प्रदेश, यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना। 1 से 3 नवंबर को तटीय कर्नाटक में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका। 2 और 3 नवंबर को छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी बारिश का अनुमान। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार
चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अचानक मौसम बदलने से तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहना बेहतर होगा।
दिल्ली में साफ रहेगा आसमान
एक तरफ जहां दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश का अलर्ट जारी है, वहीं राजधानी दिल्ली में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में आज आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। यहां बारिश की कोई बड़ी संभावना नहीं जताई गई है।



















