Iran US Relations : ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बड़ा कूटनीतिक संकेत! JD वेंस के पत्र पर मोहसेन रेजाई बोले- यह ईरान की जीत

तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने दावा किया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से भेजे गए पत्र में वॉशिंगटन ने तेहरान के प्रति अपने रुख में काफी नरमी दिखाई है। उन्होंने इसे ईरान की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अमेरिकी लहजे में आया बदलाव ईरानी जनता की जीत का संकेत है। यह अमेरिकी राजनयिक पहल पर किसी ईरानी अधिकारी की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक रेजाई ने ईरान के सरकारी प्रसारक RIB से बातचीत में कहा- उनके लहजे में पूरी तरह से बदलाव आया है जो एक अच्छा संकेत है और दिखाता है कि हमारे लोगों ने जीत हासिल कर ली है।
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JD वेंस के पत्र में क्या है प्रस्ताव
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव रेजाई को संबोधित अमेरिकी पत्र रविवार को कतर के मध्यस्थों के माध्यम से पहुंचाया गया था। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी प्रस्ताव में जेडी वेंस के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच सीधे संवाद शुरू करने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव की एक अहम बात यह है कि बातचीत के शुरुआती चरण से ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को चर्चा में शामिल करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि, द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मामले से परिचित एक सूत्र के हवाले से बताया कि अमेरिकी संदेश में किसी संभावित शांति समझौते के लिए कोई निश्चित शर्त नहीं रखी गई है। इसके बजाय बातचीत आगे बढ़ाने के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क प्रस्तुत किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह पत्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर भेजा गया था।
अब्बास अराघची ने भी बातचीत के संकेत दिए
ईरान की ओर से कूटनीतिक पहल को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सिर्फ मोहसेन रेजाई तक सीमित नहीं रही। शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जजीरा को बताया कि तेहरान को अमेरिकी संदेश मिल चुका है और उस पर विचार किया गया है। उन्होंने वॉशिंगटन की इस पहल को बातचीत की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। अराघची के अनुसार उनके एक सहयोगी मध्यस्थों के साथ बातचीत करने के लिए दोहा रवाना हुए हैं।इस बीच, अल जजीरा ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों की मुलाकात अगले एक सप्ताह के भीतर हो सकती है। इस संभावित बैठक के लिए कतर की राजधानी दोहा और तुर्किये के शहर इस्तांबुल पर विचार किया जा रहा है।
अमेरिका और इजराइल को ईरान की कड़ी चेतावनी
एक ओर जहां दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावनाएं बन रही हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य तनाव भी बरकरार है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खमेनेई ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर दोनों में से किसी देश ने कोई गलत कदम उठाया तो ईरानी सशस्त्र बलों की जवाबी कार्रवाई की भौगोलिक सीमा नहीं होगी।खमेनेई ने कहा- अगर दुश्मन एक बार फिर सैन्य या आतंकवादी हमले करते हैं तो इस्लामिक गणराज्य के सशस्त्र बल और ईरानी राष्ट्र ही तय करेंगे कि उनका अंत कब और किन शर्तों पर होगा। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि कूटनीतिक बातचीत की संभावनाओं के बावजूद ईरान ने अपनी सैन्य प्रतिक्रिया को लेकर सख्त रुख बनाए रखा है।
ट्रंप का दावा- ईरान बातचीत करना चाहता है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ईरान के साथ जारी संपर्कों का जिक्र किया। उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि तेहरान अमेरिका के साथ बातचीत करने का इच्छुक है। ट्रंप ने कहा- बातचीत चल रही है, वे बात करना चाहते हैं, वे लगातार बात कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा- सच कहूं तो, हमारे पास समय है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि ईरान इस समय बहुत बड़ी मुसीबत में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष बहुत जल्द समाप्त हो सकता है। फिलहाल, JD वेंस के पत्र, ईरान की सकारात्मक प्रतिक्रिया और संभावित बैठक की खबरों ने अमेरिका-ईरान संबंधों में कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बढ़ाई है। हालांकि, ईरान की सैन्य चेतावनी और दोनों पक्षों के बीच जारी तनाव के कारण आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।




















