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इंग्लैंड में 1894 के गोल्फ कोर्स से बना 30 हेक्टेयर का वेटलैंड नेचर रिजर्व, एवोसेट पक्षी की वापसी

लिंकनशायर के सैंडीलैंड्स में 6 साल की मेहनत से तैयार हुआ नया रिजर्व, 52,000 क्यूबिक मीटर मिट्टी हटाकर बनाए गए तालाब और रीडबेड
इंग्लैंड में 1894 के गोल्फ कोर्स से बना 30 हेक्टेयर का वेटलैंड नेचर रिजर्व, एवोसेट पक्षी की वापसी
इंग्लैंड में 1894 के गोल्फ कोर्स से बना 30 हेक्टेयर का वेटलैंड नेचर रिजर्व।

लंदन।इंग्लैंड के लिंकनशायर तट पर एक ऐतिहासिक गोल्फ कोर्स को अब वेटलैंड नेचर रिजर्व में बदल दिया गया है। यहां पहले जहां गोल्फ कोर्स था, वहां अब तालाब, खुले पानी के क्षेत्र, रीडबेड, घास के मैदान और तटीय नेचुरल हैबिटेट विकसित किए गए हैं। सटन-ऑन-सी और मैबलथोरप के पास स्थित सैंडीलैंड्स नेचर रिजर्व को आम लोगों के लिए खोल दिया गया। नेशनल ट्रस्ट ने 6 साल की प्लानिंग, बातचीत और हैबिटेट निर्माण के बाद इसे तैयार किया है।

बड़ा बदलाव किया गया

नेशनल ट्रस्ट से मिली जानकारी के अनुसार यह रिजर्व 30 हेक्टेयर में फैला है, हालांकि विजिट लिंकनशायर के सितंबर 2026 के एक लेख में इसका क्षेत्रफल 38 हेक्टेयर बताया गया है। वैसे जिस बात पर कोई विवाद नहीं है वह है जमीन पर किया गया बड़ा काम। इस पूरे ट्रांसफॉर्मेशन के दौरान करीब 52,000 क्यूबिक मीटर मिट्टी हटाई गई। इस प्रोजेक्ट को वाइल्डलाइफ संरक्षण में शुरुआती सफलता भी मिली है। जुलाई 2026 में सैंडीलैंड्स में पहली बार एवोसेट पक्षी के चूजे अंडों से निकले।

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1894 से अब तक का सफर

सैंडीलैंड्स साइट का गोल्फ कोर्स के तौर पर काफी लंबा इतिहास रहा है। नेशनल ट्रस्ट के मुताबिक इस जमीन का इस्तेमाल 1894 से गोल्फ के लिए हो रहा था। लेकिन, सैंडीलैंड्स गोल्फ क्लब की स्थापना 1952 में हुई। बाद में 2018 में क्लब बंद हो गया और इसका संचालन खत्म हो गया। नेशनल ट्रस्ट ने मार्च 2020 में इस पुराने गोल्फ कोर्स का अधिग्रहण कर लिया। इसके लिए लिंकनशायर के लिए मिले विशेष दान और नेपच्यून कोस्टलाइन कैंपेन के फंड का उपयोग किया गया। यह लिंकनशायर में नेशनल ट्रस्ट द्वारा तटीय जमीन का पहला अधिग्रहण था।

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6 साल तक चला वेटलैंड में बदलने का प्रोजेक्ट

छह साल तक चले इस प्रोजेक्ट में पुराने गोल्फिंग एरिया को वेटलैंड, घास के मैदान और तटीय झाड़ियों वाले क्षेत्र में तब्दील किया गया। नेशनल ट्रस्ट के अनुसार नया रिजर्व लिंकनशायर कोस्टल कंट्री पार्क के भीतर स्थित है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों के लिए अधिक हैबिटेट बनाना और साथ ही लोगों के लिए समुद्र तट तक पहुंच को बेहतर करना है। इस प्रोजेक्ट में लोकल पार्टनर, वॉलंटियर और पब्लिक फंडिंग की भी अहम भूमिका रही। इसमें कनेक्टेड कोस्ट के जरिए मैबलथोरपे टाउन्स फंड से £2 मिलियन (लगभग 25 करोड़ 46 लाख रुपये),  नेशनल हाईवेज से £1.5 मिलियन (करीब 19.10 करोड़ रुपए) और ईस्ट लिंडसे डिस्ट्रिक्ट काउंसिल द्वारा दिए गए यूके सरकार के शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी फंड से £200,000 (₹2,54,60,960) की राशि शामिल थी।

52,000 क्यूबिक मीटर मिट्टी हटाकर बना नया लैंडस्केप

नए लैंडस्केप को तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर मिट्टी हटाने और शेपिंग का काम किया गया। नेशनल ट्रस्ट के मुताबिक इस बदलाव के दौरान लगभग 52,000 क्यूबिक मीटर मिट्टी हटाई गई। इस मात्रा की तुलना 21 ओलंपिक स्विमिंग पूल से करती है। मिट्टी हटाने और लेवलिंग के इन कामों से पुराने गोल्फ कोर्स में तालाब, खुले पानी के हिस्से और वेटलैंड की अन्य विशेषताएं बनाने में मदद मिली।

हरियाली की भी इंतजाम किया

पौधे लगाना भी इस प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। नेशनल ट्रस्ट के मुताबिक इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत 35,000 से ज्यादा स्थानीय तटीय झाड़ियां लगाई गई हैं। प्रोजेक्ट पेज पर अलग से बताया गया है कि 200 से ज्यादा वॉलंटियर्स की मदद से 6,500 से अधिक स्थानीय झाड़ीदार पौधे रोपे गए, जिनमें हॉथोर्न, सी बकथॉर्न, ब्लैकथॉर्न और वाइल्ड रोज जैसी प्रजातियां शामिल हैं। नेशनल ट्रस्ट का कहना है कि बड़े होने पर ये पौधे कीट-पतंगों के लिए नेक्टर, बेरी और घोंसले बनाने की जगह उपलब्ध कराएंगे। अलग-अलग प्रजातियों वाले घास के मैदान को विकसित करने के लिए पास के लिंकनशायर वाइल्डलाइफ ट्रस्ट रिजर्व से इकट्ठा की गई ग्रीन हे को भी साइट के कुछ हिस्सों में फैलाया गया। नेशनल ट्रस्ट ने घास के मैदान में उगने वाली प्रजातियों में वाइल्ड कैरट, यारो, येलो रैटल और रेड क्लोवर जैसे पौधों की पहचान की है।

कंस्ट्रक्शन का काम वन्यजीवों को ध्यान में रखकर किया

यहां जो भी कंस्ट्रक्शन किया गया वो स्थानीय वन्यजीवों को ध्यान में रख कर किया गया। इसे अलग-अलग चरणों में पूरा किया गया ताकि पक्षियों के ब्रीडिंग के संवेदनशील समय में उन्हें कोई परेशानी न हो। खास बात यह है कि हैबिटेट का इस्तेमाल ब्रीडिंग बर्ड्स पहले ही करने लगी हैं। रिजर्व के आम जनता के लिए आधिकारिक तौर पर खुलने से पहले ही जुलाई 2026 में सैंडीलैंड्स में पहली बार एवोसेट के चूजे अंडों से निकले। नेशनल ट्रस्ट चूजों के आने को एक उत्साहजनक संकेत मानता है कि नए बनाए गए हैबिटेट का इस्तेमाल वाइल्डलाइफ कर रही है।

Puneet Pandey
By Puneet Pandey

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