ED की बड़ी कार्रवाई, बैंकों को 333 करोड़ का चूना लगाने वाली इंदौरी फर्मों की 26 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

इंदौर। मनी लॉन्ड्रिंग के कई मामलों में इंदौर की फर्मों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई की है। इसी कड़ी में बैंकों से लिए गए कर्ज की कथित हेराफेरी और दुरुपयोग से जुड़े मामलों में इंदौर की कई फर्मों की संपत्तियां कुर्क की गई हैं। इनमें हुकमाखेड़ी स्थित तीन व्यावसायिक भूखंडों के साथ इंग्लैंड में मौजूद संपत्ति भी शामिल है। एक अन्य मामले में शारदा वेयर हाउस, मानपुर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 26 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां कुर्क की गई हैं। दोनों मामलों में कुल 333 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक कर्ज से जुड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं।
दो एफआईआर के बाद शुरू की थी जांच
प्रवर्तन निदेशालय के इंदौर उपक्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार विश्वकर्मा क्रिएशंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हुकमाखेड़ी में स्थित तीन भूखंडों को कुर्क किया गया है। यह कार्रवाई फर्म, नियो कॉर्प इंटरनेशनल लिमिटेड और पॉली लॉजिक इंटरनेशनल लिमिटेड तथा उनके निदेशकों के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी और धनशोधन की जांच के आधार पर की गई। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने दो प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू की थी। इनमें उत्कर्ष त्रिवेदी, सुनील कुमार त्रिवेदी और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
भारतीय स्टेट बैंक को 250 करोड़ और पीएनबी को 57 करोड़ की चपत
जांच के अनुसार इन फर्मों ने पंजाब नेशनल बैंक को करीब 57.47 करोड़ रुपये का चूना लगाया, जबकि भारतीय स्टेट बैंक को 249.97 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया। इस तरह दोनों बैंकों से संबंधित मामलों में कुल 307.44 करोड़ रुपये की राशि सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार कर्ज की राशि को कथित रूप से दूसरी संस्थाओं और कंपनियों के माध्यम से घुमाकर विश्वकर्मा क्रिएशंस प्राइवेट लिमिटेड तक पहुंचाया गया। इसी आधार पर बैंक धोखाधड़ी से अर्जित धन के इस्तेमाल और उससे जुड़ी संपत्तियों की जांच की जा रही है।
ये भी पढ़ें: ओंकारेश्वर में दर्दनाक हादसा, लोहे का गेट गिरने से चार वर्षीय बालिका की मौत
हुकमाखेड़ी के अलावा इंग्लैंड की संपत्ति भी कुर्क
कार्रवाई में हुकमाखेड़ी के तीन व्यावसायिक भूखंडों के अलावा इंग्लैंड में स्थित संपत्ति को भी कुर्क किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि बैंक कर्ज की राशि को विभिन्न माध्यमों से दूसरी संस्थाओं तक पहुंचाकर उसका लाभ विश्वकर्मा क्रिएशंस प्राइवेट लिमिटेड को पहुंचाया गया।
शारदा वेयर हाउस पर भी कार्रवाई
इसी तरह एक अन्य मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मेसर्स शारदा वेयर हाउस, मानपुर के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके मालिक आलोक शारदा और अन्य पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय औद्योगिक विकास बैंक तथा किसान धन कृषि वित्तीय सेवाएं प्राइवेट लिमिटेड से करीब 26 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। जांच में कर्ज की राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की। इस मामले में 18 अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है।
ये भी पढ़ें: सात करोड़ के आभूषणों से होगा खजराना गणपति का दिव्य श्रृंगार, चढ़ाए जाएंगे हीरे जड़ित नए नेत्र
बैंक कर्ज के दुरुपयोग की कड़ी खंगाल रही ईडी
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार दोनों मामलों में बैंकों से लिए गए कर्ज के कथित दुरुपयोग और धन के लेन-देन की कड़ी की जांच की जा रही है। एजेंसी ने संबंधित संपत्तियों को कुर्क कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों मामलों में सामने आई कुल राशि 333 करोड़ रुपये से अधिक है।




















