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रूस ने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को चुना मध्यस्थ, यूक्रेन के सरकारी बैंक से करोड़ों डॉलर का विवाद

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ अब रूस और यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचादबैंक के बीच चल रहे बड़े निवेश विवाद में रूस की ओर से मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे। मामला यूक्रेन के चार क्षेत्रों में बैंक की संपत्तियों और कारोबार को हुए नुकसान से जुड़ा है। विवाद 1998 की रूस-यूक्रेन निवेश संधि के तहत चल रहा है।
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रूस ने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को चुना मध्यस्थ, यूक्रेन के सरकारी बैंक से करोड़ों डॉलर का विवाद
पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़

मॉस्को। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचादबैंक से जुड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश विवाद में अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू की रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। तीन सदस्यों वाला आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल इस मामले की सुनवाई करेगा। विवाद डोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया में ओशचादबैंक की संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों को हुए कथित नुकसान से जुड़ा है। बैंक रूस से मुआवजे की मांग कर रहा है। ओशचादबैंक ने जुलाई 2025 में रूस को विवाद का औपचारिक नोटिस भेजा था और अप्रैल 2026 में नई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता शुरू की।

युद्ध के बीच कानूनी लड़ाई में नया मोड़

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचादबैंक के साथ चल रहे निवेश विवाद में अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू की रिपोर्ट के मुताबिक चंद्रचूड़ अब तीन सदस्यीय आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल का हिस्सा होंगे। खास बात यह है कि वह रूस का वकील बनकर मामले में पेश नहीं हो रहे हैं, बल्कि रूस की ओर से नियुक्त मध्यस्थ के तौर पर काम करेंगे। इससे रूस-यूक्रेन विवाद से जुड़े इस कानूनी मामले की अहमियत और बढ़ गई है।

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चार यूक्रेनी क्षेत्रों की संपत्तियों पर विवाद

यह विवाद ओशचादबैंक की उन संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों से जुड़ा है, जो डोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में थीं। बैंक का आरोप है कि रूस की सैन्य कार्रवाई के बाद इन इलाकों में उसकी संपत्तियों और कारोबार को भारी नुकसान पहुंचा। बैंक का दावा है कि इन घटनाओं के कारण उसे बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा और अब वह रूस से इसकी भरपाई चाहता है।

1998 की निवेश संधि बनी कानूनी आधार

ओशचादबैंक ने रूस के खिलाफ अपनी कानूनी कार्रवाई रूस और यूक्रेन के बीच 27 नवंबर 1998 को हुई द्विपक्षीय निवेश संधि के आधार पर शुरू की है। इस तरह की संधि दोनों देशों के निवेशकों को दूसरे देश में किए गए निवेश के लिए कानूनी सुरक्षा देती है। इसी समझौते में मौजूद निवेश विवाद निपटाने की व्यवस्था का इस्तेमाल ओशचादबैंक ने रूस के खिलाफ अपने नए दावे में किया है।

जुलाई 2025 में भेजा गया था पहला नोटिस

ओशचादबैंक ने 24 जुलाई 2025 को रूस को विवाद का औपचारिक नोटिस भेजा था। बैंक ने उस समय कहा था कि डोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया में उसकी संपत्तियों और कामकाज को हुए नुकसान के लिए उसे मुआवजा मिलना चाहिए। बैंक के मुताबिक यह नोटिस अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता शुरू करने की दिशा में पहला जरूरी कदम था। रूस से भुगतान या समाधान नहीं होने पर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

अप्रैल 2026 में शुरू हुई नई आर्बिट्रेशन

ओशचादबैंक ने 7 अप्रैल 2026 को रूस के खिलाफ औपचारिक रूप से नई अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी। बैंक के अनुसार जुलाई 2025 में भेजे गए विवाद नोटिस का रूस की ओर से जवाब नहीं आया था। अब मामला अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के गठन के चरण में पहुंच गया है। इसी प्रक्रिया में रूस ने डीवाई चंद्रचूड़ को अपना मध्यस्थ चुना है।

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नुकसान का आंकड़ा सैकड़ों मिलियन डॉलर

ओशचादबैंक के पुराने सार्वजनिक आंकड़ों के मुताबिक रूस की सैन्य कार्रवाई से बैंक पर कुल नकारात्मक आर्थिक असर करीब 460 मिलियन डॉलर आंका गया था। इसमें करीब 379 मिलियन डॉलर का सीधा नुकसान शामिल था। हालांकि यह आंकड़ा 2024 में बैंक की ओर से बताया गया प्रारंभिक अनुमान था और मौजूदा कानूनी दावे की अंतिम राशि इससे अलग हो सकती है। इसलिए इस मामले में दावे की सटीक रकम को लेकर अंतिम तस्वीर आर्बिट्रेशन की प्रक्रिया में सामने आ सकती है।

ओशचादबैंक पहले भी रूस से लड़ चुका है

रूस और ओशचादबैंक के बीच यह पहली बड़ी कानूनी लड़ाई नहीं है। क्रीमिया से जुड़े पुराने मामले में आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल ने 2018 में बैंक के पक्ष में 1.11 अरब डॉलर से अधिक का मुआवजा दिया था। रूस ने इस फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन 1 जुलाई 2025 को पेरिस कोर्ट ऑफ अपील ने रूस की चुनौती खारिज कर दी। इससे बैंक की ओर से रूस के खिलाफ चल रही कानूनी कोशिशों को एक और मजबूती मिली। 

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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