रीवा में पुतलों का अंतिम संस्कार कर अस्थि विसर्जन करने प्रयागराज रवाना हुए सवर्ण समाज के प्रदर्शनकारी

रीवा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित रोलबैक को लेकर रीवा में विरोध प्रदर्शन का एक अनोखा और प्रतीकात्मक मामला सामने आया है। यूजीसी के पक्षधरों के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते हुए सवर्ण समाज के प्रदर्शनकारियों ने पुतलों का सांकेतिक अंतिम संस्कार किया और इसके बाद उनकी अस्थियां लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो गए।
प्रयागराज में पिंडदान भी करेंगे
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वे पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार इन सांकेतिक अस्थियों को प्रयागराज स्थित पवित्र संगम में प्रवाहित करेंगे और पिंडदान करेंगे। उनका कहना है कि विरोध यहीं समाप्त नहीं होगा, बल्कि पूरे रीति-रिवाज के साथ आगे कर्मकांड, तेरहवीं और बरसी भी की जाएगी। इस अनोखे कदम के माध्यम से प्रदर्शनकारी सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
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जारी रहेगा विरोध: मोहित चौबे
प्रदर्शन में शामिल मोहित चौबे ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित रोलबैक के खिलाफ समाज का विरोध लगातार जारी रहेगा और यह सांकेतिक अंतिम संस्कार इसी आंदोलन का एक चरण है। वहीं प्रशांत सिंह ने कहा कि यूजीसी के इस मुद्दे पर समाज की आपत्तियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, जब तक उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन और तेज होगा। रीवा शहर में विभिन्न स्थानों पर इस प्रस्तावित बदलाव को लेकर असंतोष देखा जा रहा है। पुतलों के दाह संस्कार और अस्थि विसर्जन का यह मामला पूरे जिले और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
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